मल्लखंभ का प्रदर्शन करते हुए युवा।
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चरखी दादरी। आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा की ओर से संचालित 30 दिवसीय वेद प्रचार एवं नशामुक्ति यज्ञ यात्रा का रविवार को आर्य समाज वेद मंदिर पांडवान में समापन किया गया। ऋषि बोधोत्सव के अवसर पर एवं स्वामी श्रद्धानंद की बलिदान शताब्दी पर आयोजित इस 100 कुंडीय श्रद्धांजलि महायज्ञ में क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों और युवाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बाढड़ा विधायक उमेद पातुवास ने शिरकत की, जबकि अध्यक्षता आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के प्रधान धर्मवीर सिंह आर्य ने की। इस अवसर पर आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा की कार्यकारिणी ने स्वामी सच्चिदानंद की माता सरती देवी का ऐसे पुत्र को जन्म देकर समाजहित में कार्य करने के लिए समर्पित करने पर उनका सम्मान किया।
इस अवसर पर युवा ब्रह्मचारियों ने मल्लखंभ पर अपनी शारीरिक शक्ति और संतुलन का प्रदर्शन किया, तो पूरा परिसर ओम के जयघोष और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। विधायक उमेद पातुवास ने इस प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि नशा छोड़कर योग और खेल अपनाने वाले युवा ही विकसित भारत का आधार हैं।
वेद प्रचार अधिष्ठाता स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि यह यात्रा समाप्त नहीं हुई है, बल्कि नशा-मुक्त हरियाणा की नींव रखी गई है। उनके आह्वान पर उपस्थित सैकड़ों लोगों ने यज्ञ की पवित्र अग्नि को साक्षी मानकर आजीवन नशामुक्त रहने और अपनी धरती को रसायन-मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभा के मंत्री विजयपाल आर्य और उपप्रधान उमेद शर्मा ने विशेष मार्गदर्शन दिया। साथ ही अनिल आर्य, मित्रसेन आर्य, बलबीर आर्य, यज्ञवीर आर्य, सत्यपाल आर्य, आचार्य प्रवीण आदि का सहयोग रहा।