चरखी दादरी। शहर की गांधी नगर कॉलोनी में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर तीन महीने पहले उखाड़ी गई मुख्य सड़क की हालात काफी दयनीय है। सड़क के बीच बने गहरे गड्ढे दोपहिया वाहन चालकों के लिए हादसों का सबब बने हुए हैं, वहीं घरों व दुकानों के सामने भरे दूषित पानी से भी लोग परेशान हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क को ठीक करने के लिए कई बार जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया गया है, लेकिन तीन माह का समय गुजर जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन से अधर में छोड़े गए कार्य को जल्द पूरा करने की मांग की है, ताकि वार्डवासी राहत की सांस ले सकें।
दादरी के ढाणी फाटक से गांधी नगर को जाने वाली मुख्य सड़क को सीवर लाइन बिछाने के लिए उखाड़ा गया था, लेकिन लाइन दबाने के बाद भी उखाड़ी गई सड़क को ठीक न करने से लोगों में रोष बना हुआ है। कॉलोनीवासियों का कहना हैं कि उबड़-खाबड़ बनी सड़क पर आए दिनों दुपहिया वाहन चालक गिर कर घायल हो रहे हैं, वहीं दुकानों के सामने दूषित पानी भरने से दुकानदारी प्रभावित हो रही हैं।
हजारों लोगों का होता है आवागमन : गांधी नगर कॉलोनी में 5000 से ज्यादा लोग रहते हैं। इनमें से अधिकांश लोगों को पैदल या दोपहिया वाहनों पर इस मुख्य सड़क से गुजरना पड़ता है, लेकिन सड़क पर बने कीचड़ के कारण फिसलने का डर बना रहता है। अंडरपास तक जाने के लिए भी इसी सड़क का इस्तेमाल होता है, लेकिन उबड़-खाबड़ सड़क हर रोज हजारों लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
सीवर मैनहोल का दूषित पानी अगले मैनहोल तक न जाने से घरों के सामने जलभराव की स्थिति बनी रहती है। इससे घरों से बाहर निकलना भी दूभर बना हुआ है। घर के छोटे बच्चों व बुजुर्गों को दूषित पानी से गुजरना पड़ रहा है।- इमरती देवी, स्थानीय महिला।
पिछले तीन महीने से दुकानों में ग्राहक नहीं आने से काम बिलकुल बंद पड़ा है। फिलहाल हालात ऐसे बन गए हैं कि दुकानों का किराया देना भी मुश्किल है। विभाग की ओर से बचे हुए काम को जल्दी पूरा नहीं करवाया जा रहा है।- मोहित कुमार, स्थानीय दुकानदार।
वर्जन :
काम पर लगे प्रवासी श्रमिक अपने घर गए हुए हैं। उनके 23 फरवरी तक काम पर लौटने की संभावना है। श्रमिकों के आने के बाद जल्दी ही काम को पूरा करवा दिया जाएगा।- सचिन कुमार, जेई जनस्वास्थ्य विभाग।