चरखी दादरी। जिले में रविवार रात आंधी और बारिश ने जमकर तबाही मचाई। बिजली के खंभे गिरने से जिलेभर में ब्लैक आउट की स्थिति रही और पेड़ों के टूटने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। तेज हवाओं के कारण अलग-अलग जगहों पर 400 से अधिक पेड़ धराशायी हो गए। बिजली निगम के 152 खंभे और सात ट्रांसफार्मर गिरने से करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
आंधी और बारिश का सबसे अधिक असर बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ा। बिजली निगम के 10 मुख्य फीडर बंद होने से हजारों परिवारों को पूरी रात अंधेरे में काटनी पड़ी। निगम के अधिकारियों के अनुसार, दादरी सब-अर्बन, सांजरवास, झोझू कलां, बाढड़ा और अटेला कलां के फीडर में तकनीकी खराबी और खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। कर्मचारियों ने 13 घंटे बाद सात फीडरों की बिजली बहाल कर दी। शेष तीन फीडरों को सुचारू करने के लिए कार्य जारी रहा।
सड़कों पर बिछ गए पेड़, थमी वाहनों की रफ्तार
आंधी के कारण जिले के कई मुख्य मार्गों पर 400 से अधिक पेड़ गिर गए। इससे कितलाना-बरसाना, दादरी-कनीना, रोहतक रोड और झोझू-सतनाली, झोझू-बाढड़ा, झोझू-मैहड़ा, मकड़ानी- संतोखपुरा व बधवाना-पालड़ी सहित कई रास्तों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। वन विभाग की टीम ने सूचना मिलते ही जेसीबी और ट्रैक्टरों की मदद से सड़कों के बीच से पेड़ों को हटाने का काम शुरू किया। बिजली निगम के एसडीओ गौरव कुमार ने बताया कि आंधी और बारिश के कारण 9 मीटर के 110 और 11 मीटर के 42 खंभे धराशायी हो गए। इनके अलावा 45 केवीए के चार, 63 केवीए के दो और 100 केवीए का एक ट्रांसफार्मर गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
किस वन खंड में कितने पेड़ गिरे
खंड का नाम गिरे पेड़ों की संख्या
सांजरवास 70
दादरी 100
झोझू कलां 90
बाढड़ा 50
कादमा 90
-
कर्मचारियों ने मुख्य मार्गों के बीच पड़े सभी पेड़ों को हटवाकर यातायात व्यवस्था बहाल करवा दी है। कई क्षेत्रों में गिरे पेड़ों को हटवाने का कार्य चल रहा है। जल्द ही सभी पेड़ों को संबंधित कार्यालयों में जमा करवा दिया जाएगा।
- हेमंत पारिक, जिला वन राजिक अधिकारी, दादरी।
-निगम के कर्मचारी रात से बिजली आपूर्ति बहाली के लिए लगे हुए हैं। अधिकतर क्षेत्रों में पोल व ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली आपूर्ति सुचारू करा दी गई है। - गौरव कुमार, एसडीओ, बिजली निगम शहरी।
जड़ सहित उखड़ कर कार पर गिरा पेड़। - फोटो : 1