चरखी दादरी। नागरिक अस्पताल के बीमार यानी क्षतिग्रस्त भवन के उपचार की तरफ अधिकारियों ने ध्यान दे दिया है। हाल ही में लोक निर्माण विभाग की टीम ने अस्पताल पहुंचकर क्षतिग्रस्त भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद अब टीम एस्टीमेट तैयार करने में जुटी है और अगले सप्ताह तक एस्टीमेट स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंच जाएगा। अमर उजाला ने अस्पताल का भवन क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।
बता दें कि नागरिक अस्पताल भवन पिछले करीब डेढ़ साल से क्षतिग्रस्त है और अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे थे। अमर उजाला ने 20 नवंबर के संस्करण में इस मुद्दे पर नागरिक अस्पताल का भवन बीमार, अधिकारी नहीं करवा पा रहे उपचार...नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी हरकत में आए हैं।
दो दिन पहले ही लोक निर्माण विभाग के 2 जेई नागरिक अस्पताल पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ उन्होंने भवन का निरीक्षण किया। करीब एक घंटे तक दोनों जेई ने क्षतिग्रस्त पिल्लर, दीवारों और छत का जायजा लिया और उसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ वार्ता कर लौट गए।
इस सप्ताह के अंत तक तैयार होगा एस्टीमेट
नागरिक अस्पताल भवन का निरीक्षण करने वाली टीम अपनी रिपोर्ट सप्ताह के अंत तक उच्चाधिकारियों को सौंप देगी। इसके बाद मरम्मत कार्य का एस्टीमेट लोक निर्माण विभाग की ओर से स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाएगा। फिर स्वास्थ्य विभाग स्वीकृति के लिए फाइल मुख्यालय भेजेगा और बजट राशि मिलने के बाद ही मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।
200 बेड का बनाने को मिल चुकी है स्वीकृति
दादरी जब उपमंडल था तब अस्पताल भवन निर्माण शुरू कराया गया था। इसके बाद भाजपा राज में अस्पताल भवन का उद्घाटन हो पाया था। फिलहाल यहां 100 बेड का प्रबंध है और सरकार इसे 200 बेड का करने की स्वीकृति दे चुकी है। हालांकि अभी स्टाफ की तैनाती नहीं हो पाई है। ऐसे में अभी क्षतिग्रस्त भवन की ओर ध्यान देने की दरकार है।
नागरिक अस्पताल भवन का लोक निर्माण विभाग की टीम ने निरीक्षण कर लिया है। अगले सप्ताह तक मरम्मत कार्य का एस्टीमेट हमारे पास पहुंच जाएगा और इसके तुरंत बाद इसे मुख्यालय भेज देंगे। प्रयास है कि जल्द से जल्द अस्पताल भवन का मरम्मत कार्य करवा दिया जाएगा।
-डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ