चरखी दादरी। एडीजे कोर्ट ने लुटेरे को सात साल की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर अलग-अलग धाराओं में जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
भिवानी के कुडल निवासी राजबीर ने 27 अक्तूबर 2016 को सदर थाने में गन प्वाइंट पर गाड़ी और मोबाइल लूटने की शिकायत दी थी। उस दौरान शिकायतकर्ता ने तीन अज्ञात युवकों पर इसका आरोप लगाया था। पुलिस ने इस संबंध में आर्म्स एक्ट समेत धारा 392, 201 व 34 के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने जांच की तो इसमें रामबास निवासी मोहित उर्फ मोनू का नाम सामने आया। उसे पुलिस ने काबू कर लिया था।
इस मामले में एडीजे पुरुषोत्तम कुमार की कोर्ट ने मंगलवार को उसे सात साल की सजा सुनाई है। आरोपी को कोर्ट ने धारा 392 में सात साल की सजा सुनाने के साथ पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न भरने पर दोषी को चार माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। इसके अलावा धारा 398 व 34 में उसे सात साल की सजा सुनाई गई है। धारा 201 व 34 में उसे एक साल की सजा सुनाई गई और एक हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न भरने की सूरत में उसे एक माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।