चरखी दादरी। संरक्षित पशु के मांस का सेवन करने पर दो माह पहले पश्चिम बंगाल निवासी साबिर मलिक की हत्या की गई थी। पुलिस 10 आरोपियों को काबू कर जेल भेज चुकी है। अभी और गिरफ्तारियां बाकी हैं। वहीं, जिला पुलिस जल्द जांच प्रक्रिया पूरी कर कोर्ट में चालान के साथ मॉलीक्युलर बाॅयोलॉजी लैब की रिपोर्ट भी पेश करेगी। बाढड़ा डीएसपी भारत भूषण ने इसकी पुष्टि की है।
27 अगस्त को साबिर मलिक की हत्या की गई थी। उसका शव हंसावास खुर्द के पास बरामद हुआ था। हालांकि, मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक के बाद एक कर 10 हत्यारोपियों को काबू किया था। इसके अलावा हंसावास खुर्द के पास बनीं प्रवासी श्रमिकों की झुग्गियों के बर्तनों से बरामद मांस का नमूना भी लिया गया था। इसकी जांच फरीदाबाद स्थित मॉलीक्युलर बाॅयोलॉजी लैब में करवाई गई। इसकी जांच रिपोर्ट बाढड़ा पुलिस के पास पहुंच चुकी है। बाढड़ा डीएसपी भारत भूषण ने बताया कि रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जो नमूना लिया गया था, वह प्रतिबंधित मांस नहीं था। उन्होंने बताया कि इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां होंगी। पुलिस का प्रयास है कि जल्द से जल्द जांच पूरी कर कोर्ट में चालान के साथ लैब की रिपोर्ट जमा करवा दी जाए।
एटीएम कार्ड बदलकर बुजुर्ग के खाते से निकाले 29,000 रुपये
चरखी दादरी। गांव समपुर निवासी एक व्यक्ति का एटीएम कार्ड बदलकर युवक ने खाते से 29,000 रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने आरोपी पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में दयानंद ने बताया कि 23 अक्तूबर को वह दादरी आया था। उसे घर खर्चे के लिए रुपयों की आवश्यकता थी। उसका खाता लोहारू रोड स्थित एक बैंक में है। इस दौरान वह उस एटीएम में रुपये निकालने के लिए चला गया। उसे रुपये निकालने नहीं आते थे। इसी कारण पास खड़े एक युवक को रुपये निकालने के लिए कहा। वह दो बार 9-9 हजार रुपये और तीसरी बार 15,000 निकालने लगा तो ओटीपी का समय पूरा हो गया। बाद में वह एटीएम कार्ड लेकर चला गया। घर जाकर देखा तो एटीएम कार्ड उसका नहीं था। अगले दिन तीन बार करके 29,000 रुपये निकालने का संदेश आया तो उसने जांच की। अब पुलिस से आरोपी का पता लगाकर रुपये बरामद कराने की मांग की है।