चरखी दादरी। भाजपा की पूर्व जिला अध्यक्ष डॉक्टर किरण कलकल ने कहा कि प्रदेश की राजनीति में वर्ग शब्द नया नहीं है। देवीलाल और ओमप्रकाश चौटाला के समय से कमेरा वर्ग और लुटेरा वर्ग जैसे शब्द प्रचलित रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के विशेष वर्ग के कुर्ते खूंटी पर टंगवा दिए वाले बयान को विपक्ष ने जाति से जोड़कर गलत दिशा दी है। डॉ. किरण कलकल ने कहा कि यहां विशेष वर्ग का मतलब किसी जाति से नहीं है। यह उन दलालों के लिए कहा गया है जो चंडीगढ़ सचिवालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक नौकरी, ट्रांसफर, टेंडर और ग्रांट के नाम पर पैसे लेते थे। इनमें सभी जाति और धर्म के लोग शामिल थे। उनकी पहचान सिर्फ सत्ता से निकटता थी।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी, बिना पर्ची-बिना खर्ची भर्ती, पंचायतों को सीधी ग्रांट और ऑनलाइन मॉनिटरिंग के जरिए इसी दलाली तंत्र को खत्म करने का काम किया है। डॉ. किरण कल कल ने कहा कि विपक्ष को कमेरा वर्ग और लुटेरा वर्ग तो स्वीकार है जबकि विशेष वर्ग सुनते ही उसे जाति याद आ जाती है।