चरखी दादरी। नगर परिषद ने शहर में दो वीटा बूथ की अलॉटमेंट प्रक्रिया रद्द कर दी है। पार्षदों के विरोध के बाद ये कदम उठाया गया। दोनों बूथ नगर परिषद के दो कर्मचारियों के परिजनों को ही अलॉट किए गए थे। वहीं, इसके विरोध में बुधवार को उप-प्रधान संदीप फौगाट समेत पार्षद अन्नू रानी समेत एक अन्य महिला पार्षद भी उतर आई है।
बता दें कि वीटा बूथ स्थापित करने पहुंची टीम को 12 पार्षदों ने पांच दिन पहले वापस लौटा दिया था। पार्षदों का आरोप था कि उनके संज्ञान में लाए बिना ही चेयरमैन बक्शीराम सैनी ने ये एजेंडा पास कर अपने चहेते कर्मचारियों को फायदा पहुंचाने का प्रयास किया है। पार्षदों का आरोप था कि ये बूथ नगर परिषद कर्मचारी शंकर व मुकेश के परिजनों को अलॉट किए गए हैं, जो सरासर गलत है।
अलॉटमेंट प्रक्रिया का विरोध कर रहे 12 पार्षदों को बुधवार सुबह उप-प्रधान संदीप फौगाट और दो अन्य पार्षदों का समर्थन भी मिल गया। इसके बाद सभी पार्षदों ने एक्सईएन प्रवीन राघव से मुलाकात की और उन्हें इस मसले पर ज्ञापन भी सौंपा।
एक्सईएन बोले: रद्द कर दी अलॉटमेंट प्रक्रिया
पार्षदों का ज्ञापन लेने से पहले एक्सईएन प्रवीन राघव ने उप-प्रधान और पार्षदों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बूथ अलॉटमेंट का मसला डीएमसी के संज्ञान में भी है। यह प्रक्रिया रद्द कर दी गई है।
नगर परिषद के उप-प्रधान बोले- मेरे संज्ञान में नहीं ऐसा कोई एजेंडा
उप-प्रधान संदीप फौगाट ने कहा कि वीटा बूथ गलत ढंग से अलॉट किए गए हैं। पार्षदों के अलावा उनके संज्ञान में भी ये एजेंडा नहीं डाला गया। नगर परिषद में गलत कुछ हुआ तो उसका अवश्य विरोध करूंगा। इस मुद्दे का विरोध करने वाले पार्षदों के साथ हूं।
ये एजेंडा हाउस की बैठक में पास हुआ था, जो अब रद्द कर दिया गया है। मेरे ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद है।
बक्शीराम सैनी, प्रधान, नगर परिषद
वीटा बूथ के अलॉटमेंट की प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। यह मामला डीएमसी के संज्ञान में भी है। पार्षदों ने बुधवार को इस संदर्भ में ज्ञापन भी सौंपा है।
प्रवीन राघव, एक्सईएन, नगर परिषद