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Charkhi Dadri News: विशेषज्ञ का पद 4 माह से खाली, चर्म रोगियों का बढ़ रहा मर्ज

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सिविल अस्पताल में बुधवार को उपचार करवाने पहुंचे मरीज।
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चरखी दादरी। परिवर्तनशील मौसम और फसल कटाई सीजन में चर्म रोग की ओपीडी बढ़ी हुई है। दूसरी ओर दादरी नागरिक अस्पताल में पिछले चार माह से चर्म रोग विशेषज्ञ का पद खाली पड़ा है। सामान्य चर्म रोगियों को तो वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे उपचार मिल रहा है जबकि गंभीर चर्म रोग से ग्रस्त मरीजों को रोहतक पीजीआई रेफर किया जा रहा है।
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बता दें कि चर्म रोग विशेषज्ञ न होने के कारण मरीजों व तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समय सामान्य चर्म रोगियों की ओपीडी मेडिकल ऑफिसर देख रहे हैं और वो ही दवाएं लिखने के साथ मरीजों को परामर्श दे रहे हैं। दूसरी ओर गंभीर चर्म रोग के मरीजों को यहां से रोहतक पीजीआई रेफर किया जा रहा है और उपचार के लिए आने-जाने में मरीजों व तीमारदारों को करीब 130 किलोमीटर मीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। वहीं, अगर मरीज कादमा, झोझूकलां या बाढड़ा क्षेत्र का हो तो दूरी करीब 160 किलोमीटर बन जाती है।
ऐसे में मरीजों और तीमारदारों को रोहतक पीजीआई के चक्कर काटने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बुधवार को सिविल अस्पताल आए चर्म रोगियों ने अस्पताल प्रशासन से चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती करवाने की मांग की है, ताकि उन्हें भागदौड़ से छुटकारा और गृह जिले में उपचार मिल सके।
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- प्रतिदिन आ रहे 120 चर्म रोग
इस समय ग्रामीण क्षेत्रों में फसल कटाई व बिजाई कार्य चल रहा है। इसके चलते चर्म रोगियों की संख्या बढ़ी हुई है। सिविल अस्पताल में फिलहाल प्रतिदिन करीब 120 चर्म रोगी आते हैं। खेड़ी बूरा निवासी कृष्ण कुमार, खेड़ी बत्तर निवासी विष्णु, अटेला निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि विशेषज्ञ न होने के कारण जिले के चर्म रोगी परेशान हैं।

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निजी अस्पताल में महंगा है उपचार
नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले अधिकतर लोग आर्थिक रूप से कमजोर ही होते हैं। ऐसे में उनके लिए निजी अस्पताल में उपचार करवाना संभव नहीं है। इसके चलते कई बार तो मरीज उपचार में घरेलू नुस्खे तक अपना लेते हैं।

- ये हैं चर्म रोग के लक्षण

रूखी त्वचा, सूखी त्वचा, तिल, मुंहासे, मस्से, सफेद दाग, दाद, खुजली, फोड़ा, त्वचा का छिलना, अंगुलियों के बीच घाव बनना आदि चर्म रोग के लक्षण हैं।

- ये बरतें सावधानी

बार-बार दूषित पानी से गुजरने से बचना चाहिए। शुद्ध व साफ पानी का सेवन करें। दूषित पानी से गुजरने के बाद साफ पानी से पैरों को धोएं। खेत खलिहान में काम करने के बाद गर्म पानी से नहाएं और घाव होने पर विशेषज्ञ से सलाह लेकर दवा लगाएं।


चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए पहले ही मुख्यालय से पत्राचार कर चुके हैं। तैनाती होते ही मरीजों को रेफर करना बंद कर दिया जाएगा। तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर ऐसा किया जा रहा है।
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- राजविरेंद्र मलिक, कार्यवाहक सीएमओ, दादरी सिविल अस्पताल

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