चरखी दादरी। पिछले चार साल से गांव सांवड़ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में रखे डेढ़ करोड़ रुपये कीमत के पोर्टेबल अस्पताल को अब स्वास्थ्य विभाग नागरिक अस्पताल में शिफ्ट करेगा। जल्द ही यह प्रक्रिया शुरू होगी और ऐसा होते ही नागरिक अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं व संसाधनों में और इजाफा होगा।
इसे शिफ्ट करने का एस्टीमेट तैयार करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने लोक निर्माण विभाग से पत्राचार किया है। गौरतलब है कि सांवड़ स्थित पीएचसी परिसर में रखा पोर्टेबल अस्पताल धूप, गर्मी, बारिश झेल रहा है। कोरोना महामारी के दौरान जिला प्रशासन के आग्रह पर अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन ने यह पोर्टेबल अस्पताल मुहैया कराया था। पोर्टेबल अस्पताल के अलग-अलग कंपार्टमेंट हैं और इन्हें मिलाकर ही अस्पताल तैयार होता है। इसका ढांचा लोहे का है। अगर इस पोर्टेबल अस्पताल का सदुपयोग किया जाए तो जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा होगा और मरीजों को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा।
वही, लंबे समय से यह पीएचसी में रखा होने पर अमर उजाला ने छह जनवरी के संस्करण में लापरवाही : पोर्टेबल अस्पताल को बनाया डेढ़ करोड़ क सफेद हाथी...नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद जिला स्वास्थ्य विभाग का इस ओर ध्यान गया और एस्टीमेट तैयार करने के लिए अब लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा है।
आज तक नहीं हुई स्टाफ की तैनाती
वर्ष 2020 में स्वास्थ्य विभाग को ये पोर्टेबल अस्पताल मिला था। इसके बाद इसे सांवड़ पीएचसी में रखवाया गया था। जिस समय पोर्टेबल अस्पताल दिया गया, उस दौरान विभाग ने प्रशासन से इसके लिए चिकित्सक और अन्य स्टाफ भी मांगा था। तब से लेकर अब तक पोर्टेबल अस्पताल के लिए स्टाफ नहीं मिल पाया है।
पोर्टेबल अस्पताल में ये हैं सुविधाएं
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले का पहला पोर्टेबल अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसमें एक आईसीयू और तीन सामान्य वार्ड बनाए गए हैं। आईसीयू वार्ड में 8 बेड और 5 वेंटिलेटर सहित अन्य सुविधाएं हैं। सामान्य वार्डों में 14-14 बेड हैं। आईसीयू सहित सभी वार्डों में चिकित्सकों के लिए चैंबर भी बनाए गए हैं। अस्पताल के सभी हिस्से तैयार होकर दादरी पहुंचे थे जिसके बाद इन्हें आपस में जोड़ा गया था।
पोर्टेबल अस्पताल गांव सांवड़ स्थित पीएचसी में रखा है। इसे जल्द ही नागरिक अस्पताल में शिफ्ट करवा देंगे। हमने एस्टीमेट तैयार करने के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र लिख दिया है।
डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग