चरखी दादरी। मानसून सीजन को देखते हुए नगर परिषद पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रही है। शहर में जलभराव की स्थिति बनने से रोकने के साथ-साथ आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नगर परिषद की ओर से विभिन्न हिस्सों में खुले पड़े नालों को ढकने के लिए 1200 कंक्रीट स्लैब (ढक्कन) का ऑर्डर जारी कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मानसून दस्तक देने से पहले इन सभी स्लैब को चिह्नित जगहों पर लगा दिया जाएगा।
बता दें कि शहर के मुख्य बाजारों, रिहायशी कॉलोनियों में लंबे समय से खुले पड़े नाले स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बने हुए थे। खासकर बारिश के दिनों में जब सड़कों पर पानी भर जाता है तो खुले नाले दिखाई नहीं देते। ऐसे में दोपहिया वाहनों के गिरने, पशुओं के फंसने और छोटे बच्चों के साथ हादसे होने का खतरा बना रहता था। नगर परिषद ने नालों को ढकने के लिए 1200 नए स्लैब का आर्डर किया गया है। नाले ढके जाने के बाद इन संभावित स्थानों पर हादसों में कमी आएगी और लोग सुरक्षित आवाजाही कर सकेंगे।
इस परियोजना का एक बड़ा फायदा पर्यावरण और शहर की स्वच्छता को होगा। अक्सर देखा जाता है कि लोग खुले नालों में सिंगल-यूज प्लास्टिक, खाली बोतलें, थैलियां और अन्य कूड़ा-कचरा फेंक देते हैं। धीरे-धीरे यह प्लास्टिक कचरा नालों की तली में जमा हो जाता है और पानी की निकासी को पूरी तरह ब्लॉक कर देता है। मानसून के समय यही ब्लॉकेज शहर में जलभराव का कारण बनती है। नालों पर स्लैब लगने के बाद बाहरी कचरा और प्लास्टिक सीधे नालों में नहीं जा सकेगा, जिससे पानी का बहाव सुचारू बना रहेगा।
सफाई के बाद ढके जाएंगे नाले
नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल नालों की सफाई के दौरान काफी मात्रा में सिंगल यूज प्लास्टिक मिल रहा है। शहर के 19 किलोमीटर लंबे नालों की सफाई के तुरंत बाद स्लैब लगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
10 लाख से अधिक की आएगी लागत
नगर परिषद की ओर से खुले पड़े नालों को ढकने के लिए स्लैब का आर्डर किया गया है। एक स्लैब की खरीद पर अनुमानित 900 रुपये खर्च होंगे। पूरे शहर में नालों को कवर करने के लिए नगर परिषद की ओर से लगभग 10 लाख रुपये से अधिक रुपये की लागत आने की संभावना है।
वर्सन :
टीम ने शहर के खुले पड़े नालों को चिह्नित कर लिया गया है। अगले 15 दिनों में शहर के सभी खुले नालों पर स्लैब लगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। मानसून सीजन में शहर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।- सौहार्द शर्मा, कनिष्ठ अभियंता, नगर परिषद, दादरी।