कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल ने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारी दादरी जिले के गांवों में किसानों की लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या का समाधान करने के लिए ठोस योजनाएं तैयार करें। मंत्री जयप्रकाश दलाल ने शनिवार को गांव इमलोटा, जयश्री, कमोद, मिर्च, रणकौली, बौंद कलां का दौरा किया और किसानों की समस्याएं सुनीं।
गांव मिर्च में किसान देवेंद्र ने सेम से फसल खराब होने का मुद्दा उठाया। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि राजस्व विभाग ने गिरदावरी का कार्य शुरू किया हुआ है। जो भी फसल खराब होगी, उसकी रिपोर्ट आ जाएगी। बीमित फसलों का मुआवजा कंपनी से और बाकी जो फसल बीमा योजना में नहीं हैं, उसकी क्षतिपूर्ति सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों की मौजूदा फसल खराब न हो और अगली फसल की आसानी से बिजाई हो जाए। जलभराव से प्रभावित फसलों का अवलोकन करते हुए कृषि मंत्री ने निर्देश दिए कि सिंचाई विभाग के अधिकारी ग्रामीणों के साथ मिलकर पानी निकासी की प्रभावशाली योजनाएं तैयार करें। वे योजनाएं चाहे कितनी भी लागत या बड़ी धन राशि की हों, उनको सरकार से मंजूर करवा कर अमल में लाया जाएगा। इस प्रकार की व्यवस्था हो जाए कि किसानों को जलभराव का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि जो भी कृषि भूमि सेम की समस्या से ग्रस्त है, उनके मालिक एग्रो हरियाणा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाएं।
इस पोर्टल पर ऑनलाइन ऑप्शन में जाकर किसान अपनी भूमि का विवरण दर्ज करवाएं।
उन्होंने कहा कि कृषि विभाग की ओर से सेम की समस्या का समाधान करने के लिए खेतों में कम लागत पर अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। सरकार ने एक लाख एकड़ सेम ग्रस्त भूमि को सुधारने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जमीन के क्लस्टर बनाकर मशीनों से पानी को निकालने और जल स्तर कम किए जाने का काम किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि बार-बार फसल खराब होने से सरकार को मुआवजा वहन करना पड़ता है और किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष सतेंद्र परमार, भाजपा नेता किरण कलकल, रमेश कलकल, अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया, कार्यकारी अभियंता वेदपाल सांगवान, सतेंद्र सांगवान, गौरव लांबा, बीडीपीओ रोशनलाल श्योराण, सुभाष शर्मा, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. बलवंत सहारण, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. जसवंत जून, तहसीलदार बंसीलाल, नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी अनिल राठी, जिज्ञासु शर्मा मौजूद रहे।
बॉक्स:
गांव इमलोटा में ग्रामवासी प्रवीन कलकल, सुरेश कलकल, लीलूराम ने कृषि मंत्री को जलभराव की समस्या से अवगत करवाया। इन लोगों ने कहा कि गांव इमलोटा में बड़ा नाला बनाकर पानी की निकासी करवाई जाए। गांव मिसरी में किसान ब्रह्मप्रकाश, रोशनलाल, मनोज ने कृषि मंत्री को फसल खराब होने के बारे में बताया।
इन गांवों में पानी निकासी का लगाईं मोटर
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता पवन भारद्वाज ने कृषि मंत्री को बताया कि इमलोटा में 900 एमएम की आरसीसी पाइप लाइन बिछाकर पानी बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि बौंदकलां, मिसरी, जयश्री, चरखी गांवों में भी पानी निकासी के लिए मोटरें लगाई गई हैं।
2018 का बकाया किराया देने की मांग
बौंदकलां गांव के कुछ लोगों ने कृषि मंत्री को बताया कि वर्ष 2018 में पानी निकालने के लिए ट्रैक्टर लगाए गए थे, उनका किराया अभी तक नहीं मिला है। इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि इस शिकायत को उनके सामने जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में रखा जाए, इस राशि को दिलवाया जाएगा।