चरखी दादरी। शहर के बीचों-बीच बने ऐतिहासिक लाला लाजपत राय चौक जो कभी शहर की पहचान और गौरव का प्रतीक माना जाता था। वह आज अतिक्रमण और अव्यवस्था की मार झेल रहा है।
चौक के चारों ओर लगी रेहड़ियां, सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहन और अस्थायी कब्जों के कारण न केवल चौक की सुंदरता प्रभावित हो रही है बल्कि यातायात व्यवस्था भी लगातार बिगड़ती जा रही है। वहीं चौक के साथ स्थित वर्षों पुराना जर्जर प्याऊ भी किसी बड़े हादसे को न्योता देता दिखाई दे रहा है।
शहर के काठ मंडी और मुख्य बाजार के बीच बने लगभग 60 साल पुराने ऐतिहासिक लाला लाजपत राय चौक की हालात इन दिनों दयनीय बनी हुई है। चौक के चारों तरफ लगी खाद्य पदार्थों की रेहड़ियां व पार्क किए गए वाहन लगातार जाम का कारण बने हुए है जिससे न केवल चौक की सुंदरता पर ग्रहण लग रहा हैं बल्कि आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
घंटों लगता है जाम
कई बार तो स्थिति इतनी विकट बन जाती है कि घंटों तक जाम लगने से वाहन चालकों और राहगीरों के जरूरी काम अटक जाते है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद की उदासीनता के चलते पूरा चौक अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। उन्होंने बताया कि अगर परिषद के कर्मचारी और अधिकारी ईमानदारी से कार्रवाई करे तो शायद ऐसे हालात नहीं बन पाते।
कोट:
शहर के सबसे व्यस्त स्थानों में शामिल इस चौक से प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। इसके बावजूद चौक के चारों ओर अव्यवस्थित तरीके से लगने वाली रेहड़ियां और दुकानों के बाहर तक फैला सामान राहगीरों व वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। शाम के समय स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जब खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की भीड़ और वाहनों का दबाव बढ़ जाता है।-पवन कुमार, स्थानीय दुकानदार
कोट:
चौक के आसपास पर्याप्त निगरानी और नियमित कार्रवाई न होने से अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। कई बार प्रशासन द्वारा अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से स्थिति पहले जैसी हो जाती है। ऐसे में स्थायी समाधान की आवश्यकता महसूस की जा रही है। ताकि शहर की सुंदरता को बरकरार रखा जा सके।चांद वीर सिंह, स्थानीय निवासी
चौक के समीप स्थित पुराना प्याऊ भी लंबे समय से जर्जर अवस्था में खड़ा है। इसकी दीवारों और छत में दरारें स्पष्ट दिखाई देती हैं। बरसात के मौसम में भवन और अधिक कमजोर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस ढांचे को हटाया या मरम्मत नहीं कराया गया तो कभी भी इसका हिस्सा गिर सकता है, जिससे राहगीरों को नुकसान पहुंच सकता है।अशोक कुमार, स्थानीय कारोबारी
हम रेहड़ी संचालकों के विरोधी नहीं हैं लेकिन उनके लिए प्रशासन को किसी उपयुक्त स्थान की व्यवस्था करनी चाहिए। ताकि वो भी अपने परिवार का पालन पोषण कर सके। लेकिन चौक सुंदरता बरकरार रखने के लिए नगर परिषद को ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है।पवन गुप्ता, स्थानीय व्यापारी
वर्सन:
अगले सप्ताह शहर से अतिक्रमण हटाओ मुहिम चलाने कार्यक्रम बनाया गया है। इस अभियान के दौरान लाला लाजपत राय चौक को प्राथमिकता से लिया जाएगा। वहीं यहां बनी पुरानी प्याऊ का भी समाधान करवाया जाएगा।
वाशु सांगवान, कनिष्ठ अभियंता एवं कार्यवाहक मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद।