फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Charkhi Dadri News: एड्स से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर, गांव-गांव जाकर नुक्कड़ नाटकों से जागरूक कर रही टीमें

Thu, 08 Jan 2026 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल से टीम को रवाना करते डॉ. नरेश कुमार, डॉ. सुमन तंवर। स्त्रोत : विभाग - फोटो : 1
विज्ञापन
चरखी दादरी। जिले के लोगों को एड्स से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुमन तंवर ने टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। टीमों के कलाकार गांव-गांव पहुंचकर सात अलग-अलग प्रकार के नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगी। 17 जनवरी तक चलने वाले अभियान में कलाकार अभिनय के माध्यम से लोगों को एड्स और एचआईवी से बचाव के बारे में जागरूक करेंगे।
विज्ञापन

बता दें कि जिले में मौजूदा समय में एड्स संक्रमित मरीजों की संख्या 504 हैं। एड्स के बढ़ते मरीजों की संख्या पर अंकुश लगाने और लोगों को इस बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए सरकार की ओर से जिले में हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी की टीम को भेजा गया है। टीम के कलाकार जिले के विभिन्न गांवों में जाकर लोगों को एड्स व एचआईवी को लेकर फैली भ्रांतियों और बचाव के बारे में जागरूक करेंगे।
क्या होता है एड्स और एचआईवी
सीएमओ डाॅ. नरेश कुमार ने बताया कि एचआईवी एक वायरस है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है। जबकि एड्स एचआईवी संक्रमण का सबसे गंभीर चरण है, जो तब होता है जब प्रतिरक्षा प्रणाली इतनी कमजोर हो जाती हैं कि शरीर गंभीर बीमारियों से लड़ नहीं पाता। एचआईवी एक वायरस है और एड्स उस वायरस से होने वाली अंतिम स्थिति या बीमारी हैं। उन्होंने बताया कि समय रहते सही इलाज से एचआईवी को एड्स बनने से रोका जा सकता है।
विज्ञापन


वायरस और बीमारी का समझाया जाएगा अंतर
डिप्टी सीएमओ डॉ. सुमन तंवर ने बताया कि एचआईवी एक वायरस है, जिसका उपचार संभव है। उन्होंने बताया कि लोग जागरूक होने पर दोनों में अंतर समझ सकेंगे और वायरस संक्रमण को अंतिम चरण स्टेज 3 तक पहुंचने से रोक सकेंगे। उन्होंने बताया कि एचआईवी संक्रमण के शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे हो सकते हैं। कई बार व्यक्ति को कोई लक्षण भी महसूस नहीं होता। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से भी यह जानकारी दी जाएगी।


मुख्यालय की ओर से भेजी गई टीम 17 जनवरी तक जिले में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को एड्स व एचआईवी से बचाव के बारे में जागरूक करेगी। इस दौरान टीम अलग-अलग सात प्रकार के नाटकों की प्रस्तुति देगी।
विज्ञापन

- डॉ. नरेश कुमार, सिविल सर्जन, दादरी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें