चरखी दादरी। रेवाड़ी- महेंद्रगढ़ मार्ग पर सीहा गांव के समीप सड़क हादसे में कार सवार एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। हादसे में दम तोड़ने वाले प्रताप सिंह, सूरत सिंह, अजीत, सुंदरलाल और बिल्लू मास्टर का अंतिम संस्कार गांव के रामबाग में दोपहर बाद एक ही चिता पर किया गया।
मंगलवार को चांगरोड निवासी सुनील के बेटे अमित की शादी थी। सुनील की पहले ही मौत हो चुकी है। शादी में तमाम व्यवस्था अमित के चाचा अजीत सिंह ने की थी। मंगलवार को चांगरोड से बरात पटौदी के समीप तातरपुर गांव गई थी। वहां से लौटते समय पांच बरातियों की कार सीहा के समीप रोडवेज से टकरा गई। हादसे में दूल्हे के सगे चाचा अजीत (45), अजीत के चचेरे भाई सुंदरपाल (43) ,बिल्लू मास्टर (41) , रिश्ते में दूल्हे के दादा लगने वाले सूरत सिंह (70) और प्रताप सिंह (60) की मौत हो गई। प्रताप भिवानी के दिनोद और सूरत सिंह सुई बलियाली रहते थे। वह शादी में शरीक होने अपने पैतृक गांव चांगरोड आए थे।
सुबह हादसे में पांचों की मौत की सूचना मिलते ही चांगरोड में मातम पसर गया। काफी तादाद में ग्रामीण रेवाड़ी सिविल अस्पताल पहुंच गए। दोपहर के बाद मृतकों का पोस्टमार्टम हुआ और इसके बाद गांव में गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
जहां गूंज रही थी शहनाई , वहां मची चीख-पुकार
मंगलवार रात तक चांगरोड निवासी सुनील के घर खुशियाें का माहौल था। बरात जाने के बाद परिवार की महिलाएं नई दुल्हन के स्वागत की तैयारी कर रही थीं। बुधवार सुबह तक बरात और दुल्हन गांव में आनी थी, लेकिन उससे पहले हादसे में परिवार के पांच सदस्यों की मौत होने की सूचना गांव पहुंच गई। इसके बाद खुशियां मातम में बदल गई। हादसे की चर्चा चांगरोड के साथ समीपवर्ती गांवों में भी रही। जिसे भी इस घटना का पता चला वो शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने घर पहुंचा। पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान, क्रशर एसोसिएशन के प्रधान सोमबीर घसोला, जिला पार्षद अनुवीर रामलवास और समाजसेवी उमेद पातुवास मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने चांगरोड पहुंचे।
दिल्ली में ट्रांसपोर्टर था अजीत
मृतक अजीत तीन भाइयाें में सबसे छोटा था। अजीत का बड़ा भाई अनिल एयरफोर्स से रिटायर्ड है, जबकि मंझले भाई सुनील की मौत हो चुकी है। अजीत दिल्ली में ट्रांसपोर्टर था। शादी में दूसरी जगह रह रहे परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल होने पहुंचे थे।
बिल्लू की तीनों बेटियां तो भाई सुंदर के दोनों बच्चे अविवाहित
हादसे में दम तोड़ने वाले बिल्लू मास्टर और सुंदरलाल सगे भाई थे। बिल्लू मास्टर की तीन बेटियां हैं और तीनों अविवाहित हैं। सुंदरलाल के दो बच्चे हैं और वो अविवाहित हैं। अजीत के भी दो बच्चे हैं और दोनों कुंवारे हैं।