रेणु के परिवार में उसकी 16 फरवरी को होने वाली शादी की तैयारियां चल रह थी। रेणु खुद मौसेरी बहन प्रीति बड़ी खुशी-खुशी खरीदारी करने गई थी। शादी के लिए कपड़े खरीदकर चाचा के साथ बाइक से वापस लौटते समय चिड़िया मोड़ के पास हादसा हो गया। जिसमें दोनों बहनों की मौत हो गई। हादसे में दोनों की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
रेणु अपनी मौसी की बेटी प्रीति और चाचा प्रवीन (30) के साथ बाइक पर सवार होकर दोपहर दो बजे दादरी आने के लिए घर से चली थी। रेणु के ताऊ भीम सिंह ने बताया कि रेणु को अपनी शादी की शॉपिंग करनी थी और कपड़े खरीदने के बाद शाम करीब सवा पांच बजे जब वो घर लौट रहे थे तो चिड़िया मोड़ के समीप हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि घर में रेणु की शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन दोनों बेटियों की मौत की खबर ने खुशियों को न केवल मातम में बदल दिया बल्कि पूरे परिवार का झकझोर कर रख दिया। भीम सिंह ने बताया कि रेणु की शादी दादरी में ही तय की गई थी।
हादसे की सूचना गांव में जिसे भी मिली वो तुरंत अस्पताल पहुंच गया। रात करीब आठ बजे तक भी रेणु और प्रीति के परिजन अस्पताल में मौजूद रहे। वहीं, उनके घायल चाचा प्रवीन को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। सिटी थाना पुलिस ने दोनों मृतक युवतियों के शव अपने कब्जे में लेकर अस्पताल के शव गृह में रखवा दिए और उनका पोस्टमार्टम शुक्रवार सुबह करवाया जाएगा।
घायलावस्था में भी प्रवीन ने पीछा कर ट्रक चालक को पकड़ा
घायल प्रवीन के अनुसार आरोपी चालक हादसे के बाद मौके से अपना वाहन लेकर फरार हो गया। उसका पीछा किया गया और करीब एक किलोमीटर दूर जाकर उसे पकड़ा गया। इसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और आरोपी चालक व ट्रक को कब्जे में ले लिया।
दोनों युवतियों के पिता की पहले हो चुकी है मौत
हादसे में दम तोड़ने वालीं रेणु और प्रीति के परिवार को उम्रभर का दर्द मिल गया। मृतक युवतियों के ताऊ भीम सिंह व अन्य परिजन सतबीर, बाबूलाल, विशंभर और प्रविंद्र आदि ने बताया कि रेणू के पिता दिलवान की मौत करीब 20 साल पहले बाघोत तालाब में डूबने से हुई थी। दिलवान बाघोत मेले में गया था। वहीं, प्रीति के पिता लीलाराम की करीब आठ साल पहले ह्दयगति रुकने से मौत हो गई थी।
दोनों थीं कॉलेज की छात्राएं
दो भाई-बहनों में रेणु बड़ी थी। वह बीएससी पास कर चुकी थी। वहीं, प्रीति ने इसी साल बीए प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। वे झोझूकलां महिला महाविद्यालय की छात्रा थी। प्रीति तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। उसका एक बड़ा भाई और एक बहन है।
चरखी अड्डे पर हुए हादसे की यादें हुई ताजा
चिड़िया मोड़ के समीप हुए हादसे ने करीब दो साल पहले चरखी अड्डे पर हुए हादसे की यादें ताजा कर दीं। उस हादसे में दो सगी बहनों की मौत हुई थी। दोनों बहनें रोड पार कर रही थीं और उसी दौरान एक तेज रफ्तार रिट्ज कार ने उन्हें कुचल दिया था। गंभीर रूप से घायल दोनों बहनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था और उस हादसे के बाद ग्रामीणों ने एनएच 148-बी पर जाम लगाया था।
हादसे में दो युवतियों की मौत हुई है और दोनों मौसेरी बहनें थीं। उनका पोस्टमार्टम शुक्रवार सुबह करवाया जाएगा। दोनों के शव हमने कब्जे में ले लिए हैं और इस संबंध में आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
- वीर सिंह, सिटी थाना प्रभारी