चरखी दादरी। प्रदेश सरकार की ओर से पर्यावरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में वन लगाने, प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने, पराली नहीं जलाने पर बल दिया जा रहा है। जबकि वन विभाग खुद प्लास्टिक में ही पौधे उगाता है। पौधे निकालने के बाद ये थैलियां वहीं छोड़ देता है। ये बातें जन सेवा ट्रस्ट हरियाणा के प्रधान व वन कर्मचारी संघ हरियाणा पूर्व प्रधान जीवन सिंह ने कहीं।
जीवन सिंह ने कहा कि पेड़ मां के नाम, हर घर हरियाली, हर गांव पेड़ों की छांव, अरावली कार्ययोजना, जल संरक्षण व प्राण वायु देवता पेंशन योजना सरकार का अच्छा कदम है, लेकिन, सरकार की इन योजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही कर्मचारी हैं। विभागों में एक हजार से अधिक वन रक्षक के पद खाली पड़े हैं।
जीवन सिंह ने कहा कि वन विभाग स्वयं पॉलिथीन बैग व रूट ट्रेनर में पौधे उगाता है। पौधा लगाने के बाद थैली वहीं छोड़ देता है। विभाग को पॉलिथीन के बजाय लोहे के प्लांट एक्सट्रैक्टर प्रयोग करने चाहिए। इसके लिए सरकार को वनरक्षकों की भर्ती करनी चाहिए और वनों की देखभाल व पौधरोपण कराना चाहिए।