गांव समसपुर में वीरवार को हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित उड़ान महिला क्लस्टर संगठन की वार्षिक बैठक का आयोजन का किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिवांशु मिश्रा ने की। क्लस्टर संगठन की प्रधान कमलेश ने उनका स्वागत किया। नारी सशक्तीकरण पर जोर देते हुए महिलाओं को अधिकारियों के प्रति जागरूक करते हुए शिक्षित और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया गया।
सभा में पिछले वर्ष की प्रगति की समीक्षा तथा आने वाले वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में क्लस्टर के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों की लगभग 300 सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की। सभा के अंत में संगठन को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने का संकल्प सभी सदस्यों की ओर से दोहराया गया।
कार्यक्रम के दौरान हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिवांशु मिश्रा, क्लस्टर कोऑर्डिनेटर सुरेंद्र, वाईपीकेवाई रेड्डी, लेट्ज ड्रीम फाउंडेशन के रीजनल कोऑर्डिनेटर रामस्वरूप और कविता तथा उड़ान महिला क्लस्टर संगठन की प्रधान कमलेश, कोषाध्यक्ष मेनका तथा सचिव पूजा और क्लस्टर संगठन की पीआरपी शीला, पूनम और मनीषा समूह सखी मन्नू और राजवंती आदि भी मौजूद रहे।
क्लस्टर से जुड़े हैं 2740 परिवार
इस क्लस्टर संगठन के अंतर्गत 18 गांव के 26 ग्राम संगठन जुड़े हुए हैं। जिनके अंतर्गत 274 स्वयं सहायता समूह में 2740 गरीब परिवार की महिलाएं समूह से जुड़कर सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रही हैं।
इन विषयों पर हुई चर्चा
बैठक में लेखा-जोखा संबंधित चर्चा की गई। क्लस्टर संगठन, ग्राम संगठन और स्वयं सहायता समूह का ऑडिट करवाने, क्लस्टर के कार्यालय की स्थापना और क्लस्टर आफिस में कंप्यूटर आदि अन्य सामान की व्यवस्था करवाने, सभी समूहों के रजिस्टर उपलब्ध करवाने को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। इनके अलावा ग्राम संगठनों और समूहों की ग्रेडिंग एवं ऑडिट प्रक्रिया को मजबूत करवाना, बैंकों के माध्यम से विभिन्न स्कीमों के तहत कम ब्याज का ऋण उपलब्ध करवाना, रोजगार से संबंधित प्रशिक्षण विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से करवाना उत्पाद समूह बनाने, आजीविका, रोजगार और पदाधिकारियों के चयन, तथा समूह स्तर पर उत्पन्न हो रही समस्याओं के समाधान पर भी विचार-विमर्श हुआ।
चुनौतियों व उपलब्धियों पर की चर्चा
समूह की सभी महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें लखपति दीदी बनने तक के सफर को कैसे पूर्ण किया जाए इस पर विचार किया गया। स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठन और क्लस्टर स्तरीय संगठन की गतिविधियों, उपलब्धियों और चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों के चयन, नीतिगत सुधार, ऋण वितरण एवं समयबद्ध ऋण वापसी जैसे अहम वित्तीय मुद्दों पर भी विस्तार से बात की गई।