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Charkhi Dadri News: 15 जून को साल की पहली सोमवती अमावस्या

Wed, 10 Jun 2026 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। 15 जून को इस वर्ष की पहली सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य डॉ. मनोज शास्त्री बलाली ने बताया कि सनातन धर्म में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन पितरों की शांति और प्रसन्नता के लिए किए गए धार्मिक अनुष्ठान, स्नान, दान, तर्पण, पिंडदान और यज्ञ का अनंत फल प्राप्त होता है।
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डॉ. शास्त्री ने बताया कि वेदों और पुराणों में अमावस्या पर नदियों, सरोवरों तथा प्राकृतिक जल स्रोतों में स्नान का विशेष महत्व बताया गया है।
उन्होंने कहा कि स्नान के पश्चात पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध, यज्ञ करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। पूर्वजों का स्मरण करने से व्यक्ति उनके आदर्शों और संस्कारों को अपनाने की प्रेरणा प्राप्त करता है। इससे मन में स्थिरता आती है और प्रकृति और पंचमहाभूतों के महत्व को समझने का अवसर मिलता है। यही भाव भविष्य में शुभ और सकारात्मक परिणामों का आधार बनता है।
डॉ. मनोज शास्त्री बलाली ने बताया कि इस दिन पूजा-पाठ, जप, तप, भक्ति और दान के माध्यम से मानवता, सेवा और सदाचार की भावना को बल मिलता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपनी सामर्थ्य के अनुसार गोशालाओं में दान करें, जरूरतमंदों की सहायता करें, ब्राह्मणों को भोजन करवाएं तथा सफेद वस्त्रों का दान करें।
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उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश विस्तृत धार्मिक अनुष्ठान संभव न हो तो कम से कम गौशाला में चारा अथवा अन्न का दान अवश्य करना चाहिए। सोमवती अमावस्या पर शिव पूजन का भी विशेष महत्व है।
त्रिवेणी लगाकर उसकी सेवा करने से भी पितृदेव प्रसन्न होते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से इस पावन अवसर पर श्रद्धा एवं आस्था के साथ धर्म-कर्म करने का आह्वान किया।
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