चरखी दादरी। नगर के विभिन्न भागों में नई पेयजल लाइन बिछाने के लिए गुजरात से पाइपों की पहली खेप पहुंच गई है। शहर में करीब 20 किलोमीटर लंबी नई पाइप लाइन बिछनी है। विभाग कुछ ही दिनों में पेयजल पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू कर देगा और इसके बाद करीब 50 हजार लोगों को इस परियोजना का लाभ मिलेगा।
बता दें कि शहर में 115 करोड़ की पेयजल परियोजना पर काम चल रहा है। इसी प्रकार केंद्र सरकार की योजना के तहत जल जीवन मिशन का काम भी दो साल से जारी है। अब पाइपों की खेप पहुंचने से पेयजल परियोजनाएं रफ्तार पकड़ेंगी और शहरवासियों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी। दरअसल, शहर में दस साल से नई पेयजल लाइनें नहीं बिछाई जा सकी हैं। आबादी बढ़ने के साथ पेयजल लाइनों में जोन की संख्या कम होने के कारण पानी का समान रूप से वितरण नहीं हो पा रहा है। ऐसे में लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है। शहर में नए आबाद एरिया में पेयजल लाइनें बिछाए जाने की भी जरूरत है। हर साल शहर में मकानों की संख्या बढ़ रही है। शहर में आवासीय बस्ती बढ़ने पर कॉलोनियों का दायरा बढ़ा है। ऐसे में पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है। शहर में करीब 17 हजार वैध और करीब छह हजार अवैध पेयजल कनेक्शन हैं। शहर में 21 वार्ड हैं।
शहर में हैं आठ बूस्टिंग स्टेशन
जनस्वास्थ्य विभाग ने पेयजल आपूर्ति के लिए शहर को जोन में बांट रखा है। नई लाइनें बिछने के बाद ही सभी कॉलोनियों में पानी पहुंच सकता है। शहर में आठ बूस्टिंग स्टेशन हैं। बूस्टिंग से मेन लाइनें ज्यादा संख्या में निकल रही है। यह बूस्टिंग भी शहर के विभिन्न भागों में अलग-अलग एरिया में बना रखे हैं। इनसे तकरीबन शहर के सभी वार्ड और बाजार का एरिया कवर हो जाता है।
मुख्य लाइनों में अवैध कनेक्शनों की भरमार
जलघर और बूस्टिंग से निकलने वाली मेन लाइनों में अवैध पेयजल कनेक्शनों की भरमार है जिससे अंतिम छोर पर पड़ने वाले मकानों में पानी नहीं पहुंच पाता। यह समस्या शहर के हर वार्ड में बनी हुई है। शहर के गांधी नगर, हरिनगर, प्रेमनगर, कॉलेज रोड, महेंद्रगढ़ रोड, चंपापुरी, मेन लोहारू रोड, ढाणी रोड, दिल्ली रोड क्षेत्र, रोहतक रोड क्षेत्र की मेन लाइनों में ज्यादा संख्या में अवैध पेयजल कनेक्शन हैं जिससे पानी की बर्बादी ज्यादा होती है।
चंपापुरी जलघर में किया जा रहा वाटर टैंक का निर्माण
नगर में पेयजल के 115 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम शुरू है। बारिश की वजह से यह काम बाधित जरूर हुआ था। इसके तहत जलघरों से बूस्टिंग स्टेशनों तक अलग से मेन लाइनें बिछाई जानी हैं। विभाग ने चंपापुरी जलघर में वाटर टैंक स्टोरेज का काम भी शुरू कर रखा है। दो नए बूस्टिंग स्टेशन भी बनने हैं।
पेयजल लाइनों के लिए पाइप पहुंच गए हैं। जल्द ही पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। जलघरों में पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाने पर भी काम जारी है।
धीरेंद्र सांगवान, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग