चरखी दादरी। गांव कमोद स्थित खेतों के फानों में लगी आग फैलकर तीन किलोमीटर दूर स्थित एनएच 152-डी के समीप तक पहुंच गई। आग से वन विभाग की ओर से एनएच 152-डी के दोनों और लगाए गए 3,000 से अधिक पौधे जल गए। इसके साथ ही 30 हरे पेड़ भी जल गए। वहीं, गश्त कर रही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच दमकल विभाग और डायल 112 पर इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल विभाग के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
बता दें कि वीरवार सुबह करीब 11 बजे गांव कमोद के खेतों में 150 से अधिक एकड़ के फानों में आग लग गई। आग की लपटें कमोद माइनर को पार करते हुए तीन किलोमीटर दूर स्थित एनएच 152-डी तक पहुंच गई। आग के कारण काफी छोटे पौधे और पेड़ नष्ट हो गए, जिससे हरियाली को नुकसान पहुंचा है। वहीं, शाम करीब छह बजे आग पर काबू पाया गया।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हमारे कर्मचारी कड़ी मशक्कत के बाद पौधे तैयार कर रोपित करते हैं, लेकिन हर बार आगजनी की घटना में हजारों छोटे पौधे जल जाते हैं और इससे पर्यावरण संरक्षण मुहिम को ठेस पहुंचती है। वन विभाग के अधिकारियों की ओर से फानों में लगी आग की जांच करवाने के लिए एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
- एनएच 152-डी को हरा भरा बनाना था लक्ष्य
वन निरीक्षक शक्ति सिंह और वन रक्षक दीपक कुमार ने बताया कि कर्मचारी एनएच 152-डी को हरा-भरा बनाने के लिए पिछले दो साल से लगातार दोनों तरफ पौधरोपित कर उनके देखभाल कर रहे हैं ताकि यहां से गुजरने वाले लोगों को शहर की हरियाली का आभास हो सके। वीरवार को लगी आग ने सभी पौधों को जला दिया।
- यूं तीन किलोमीटर दूर तक फैली आग
आग की लपटें गांव कमोद के खेतों में खड़े फानों से शुरू हुई जो हवा के झोंके के साथ बढ़कर एनएच-152 डी तक पहुंच गई। वन विभाग के कर्मचारियों का आकलन है कि आग से तीन किलोमीटर क्षेत्र में 150 से अधिक एकड़ जमीन पर खड़े फाने जले हैं। हालांकि फसल पहले ही काट लेने के कारण किसानों को नुकसान नहीं हुआ है।
अभी आग लगने की घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पौधे जलने पर हमने एफआईआर दर्ज करवा दी है, ताकि आग लगने की घटना के कारण का पता लगाया जा सके। -हेमंत पारिक, रेंज अधिकारी, वन विभाग