चरखी दादरी। दादरी जिले के गांव पिचौपा कलां में 13 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधा युक्त खेल स्टेडियम बनाया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य लंबे इंतजार के बाद गति पकड़ता नजर आ रहा है। ग्रेप की पाबंदियां लगने के बाद मिट्टी भरान (भरत) का काम रुक गया था लेकिन अब फिर से यह काम शुरू हो गया है।
स्टेडियम निर्माण के लिए निर्धारित भूमि पर करीब 50 प्रतिशत मिट्टी भरत का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य पंचायत और ग्रामीणों के सहयोग से तेजी से कराया जा रहा है।
हालांकि, निर्माण कार्य की मुख्य प्रगति निविदा प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इस प्रक्रिया में आपत्ति लगी है। सिंचाई विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) न मिलने के कारण फाइल अटकी है। संबंधित विभागों का दावा है कि अगले एक महीने में निविदा प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
चार आपत्तियों के कारण अटकी निविदा
वर्ष 2018 में निविदा प्रक्रिया के लिए प्रोजेक्ट भेजा गया था लेकिन यह पूरा नहीं हो सका। उच्च अधिकारियों ने स्टेडियम की फाइल पर चार आपत्तियां लगाईं हैं। इनमें से दो पर मसला अटका है। सबसे पहले जमीन पंचायत के नाम न होने के कारण आपत्ति लगी, जिसे दुरुस्त किया गया। इसके बाद यहां से गुजरने वाली बिजली लाइनों पर आपत्ति लगी। इस लाइन को भी हटवा दिया गया है। अब तीसरी आपत्ति ये है कि जहां स्टेडियम बन रहा है वह रास्ता सिंचाई विभाग की जमीन पर है, इसकी फाइल कार्यालयों में अटकी है। चौथी आपत्ति भरत न होने का लगा था।
20 एकड़ भूमि पर बनेगा स्टेडियम
गांव पिचौपा कलां में 20 एकड़ जमीन पर बनने वाला यह स्टेडियम जिले का सबसे बड़ा खेल परिसर होगा, जिसमें एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबाल, कबड्डी, कुश्ती, वाॅलीबाल सहित अन्य खेलों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। युवा एवं खेल कल्याण विभाग ने इस परियोजना के लिए लोक निर्माण विभाग को निविदा जारी करने की प्रक्रिया पहले ही सौंप दी है। स्टेडियम के निर्माण से पिचौपा कलां सहित आसपास के करीब 50 गांवों के हजारों युवाओं को शहरी तर्ज की खेल सुविधाएं मिलेंगी।
खुद ग्रामीण करवा रहे भरत
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से बजट स्वीकृत होने के बावजूद प्रशासनिक अड़चनों के कारण काम में देरी हो रही है। स्टेडियम स्थल पर मिट्टी भरत का कार्य पंचायत स्वयं करवा रही है। गांव में खनन कार्य कर रही माइनिंग कंपनी ने सामाजिक सहयोग के तहत करीब एक करोड़ रुपये मिट्टी भरत के लिए दिए हैं, जबकि ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर लगभग 20 लाख रुपये का योगदान दिया है। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर बार-बार नई शर्तें और आपत्तियां लगने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
वर्ष 2018 में पिचौपा कलां में स्टेडियम निर्माण की घोषणा की गई थी, लेकिन यह योजना लंबे समय तक कागजों में दबकर रह गई। अब बाढड़ा विधायक से बात हुई हैं, जिन्होंने एक महीने में निविदा जारी होने का आश्वासन दिया है। भरत का काम 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है। -अशोक कुमार, सरपंच, ग्राम पंचायत, पिचौपा कलां।