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Charkhi Dadri News: सस्ते इलाज का सपना अधूरा...नागरिक अस्पताल में नहीं मर्ज की दवा, बाहर से महंगी दवाइयां खरीदने को मजबूर

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नागरिक अस्पताल के दवा काउंटर पर मौजूद मरीज। 
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चरखी दादरी। नागरिक अस्पताल में दवाओं की भारी कमी के कारण मरीजों को सरकारी अस्पताल में सस्ता इलाज मिलने के बजाय मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। इसके चलते मरीजों को आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों में सूजन, कमजोरी, थकान, एलर्जी, अस्थमा, खांसी-जुकाम, उच्च रक्तचाप, बच्चों के पोषण तक की दवा नहीं है।
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अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि दवाओं की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, और जल्द ही स्टॉक उपलब्ध हो जाएगा। हालांकि, कई मरीजों का कहना है कि अगर उनके पास दवाइयां खरीदने के पैसे होते तो वे निजी अस्पताल का रुख करते, क्योंकि सरकारी अस्पताल का उद्देश्य सस्ता इलाज देना होता है। स्थानीय अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे दवाओं की कमी को तुरंत पूरा करें, ताकि गरीब मरीजों को अतिरिक्त खर्च न करना पड़े।
नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1000 से अधिक मरीज आते हैं, और दवाओं की कमी के कारण अब उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या पर अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं, और मरीजों ने दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि उन्हें सस्ते उपचार का लाभ मिल सके।
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10 दिन से स्टॉक में नहीं ये दवाएं
नागरिक अस्पताल में 10 दिनों से कैल्शियम, विटामिन-बी कॉम्पलेक्स, लिवो-सिट्राजिन, डिकलो, टेलमी सॉल्ट, विटामिन मल्टी पल्स जैसी दवाएं नहीं हैं। पर्ची लेकर पहुंचे मरीजों को दवा न होने का हवाला दिया जा रहा है और इसके बाद मरीजों के पास बाहर मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने का ही विकल्प है।

मरीज बोले-पैसों की तंगी है, तभी नागरिक अस्पताल आए पर यहां दवा तक नहीं
सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों ने उपचार के बाद पांच प्रकार की दवाएं लिखी थीं। दवा काउंटर पर केवल दो दवाएं ही मिलीं, जबकि बाकी तीन दवाइयां बाहर से खरीदने को कहा गया। अब रुपये देकर बाहर मेडिकल स्टोर से तीन दवाएं खरीदकर घर जाऊंगा। - राजबीर सिंह, पांडवान
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अस्पताल में जब भी इलाज के लिए आते है तो यहां पूरी दवाएं नहीं मिलती हैं। आधी से अधिक दवाओं पर निशान लगाकर बाहर से खरीदने के लिए बोल दिया जाता है। अगर रुपये होते तो गरीब तबके के लोग नागरिक अस्पताल की बजाय निजी अस्पताल में उपचार कराते। - अजय कुमार, मानकावास
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अस्पताल में दवाइयों की कमी को दूर करने के लिए एजेंसी को आर्डर किया है। एजेंसी अगर वीरवार तक दवा सप्लाई नहीं करती है, तब हम अपना वाहन भेज दवाएं मंगवाएंगे। - डॉ. राहुल अरोड़ा, प्रवक्ता, दादरी स्वास्थ्य विभाग
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