चरखी दादरी। मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता (एफएलएन) एवं उल्लास कार्यक्रम के तहत गठित टीमों ने बुधवार को जिले विभिन्न राजकीय स्कूलों का निरीक्षण किया। जिला एफएलएन संयोजक संदीप कुमार, उल्लास जिला संयोजक हरपाल आर्य और संपर्क जिला संयोजक रविंद्र कुमार ने विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों से संवाद भी किया।
यह टीम राजकीय प्राथमिक पाठशाला अटेला खुर्द, अटेला नया और राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला अटेला खुर्द में पहुंची। इस दौरान स्कूलों में छात्रों की शैक्षणिक प्रगति के साथ ही नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (एनसीएफ-एसएफ) प्रशिक्षण की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया गया।
वहां पहुंचकर टीम ने जुलाई में आयोजित एनसीएफ-एसएफ प्रशिक्षण के बारे में विद्यालय स्टाफ से फीडबैक लिया। इस प्रशिक्षण से शिक्षकों एवं छात्रों को हुई शैक्षणिक उपलब्धियों पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों से ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान दिए गए गृहकार्य के बारे में संवाद किया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्रों ने कार्य को समझकर पूरा किया है।
इस दौरान टीम ने शिक्षकों और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर नवाचार एवं डिजिटल साधनों के उपयोग की सराहना की और विद्यालयों को साक्षरता एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
- कक्षाकक्ष का वातावरण अनुकूल रखने के लिए किया प्रेरित
टीम ने कक्षा कक्ष प्रिंट, रिच वातावरण प्रतियोगिता की तैयारियों का भी निरीक्षण किया गया। विद्यालयों को प्रेरित किया गया कि वे अधिकतम शिक्षण सहायक सामग्री का प्रदर्शन करें, जिससे कक्षा का वातावरण शिक्षण के अनुकूल और प्रेरणादायक बने। संयोजक रविंद्र कुमार ने टीवी और संपर्क स्मार्टशाला एप का अवलोकन किया।
- आवंटित लक्ष्य की समीक्षा भी की
उल्लास के जिला संयोजक हरपाल आर्य ने उल्लास साक्षरता अभियान के तहत स्कूलों को आवंटित लक्ष्य की स्थिति की समीक्षा की। इस संदर्भ में उन्होंने सर्वेयरों के साथ संवाद कर शेष लक्ष्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर योग्य व्यक्ति को साक्षर बनाना प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।