चरखी दादरी। जिले की हवा फिर प्रदूषित हो गई है। एक दिन की राहत के बाद अब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) तेजी से बढ़ा है। बुधवार को जिला का औसत एक्यूआई 157 दर्ज किया गया था जो वीरवार को 181 अंक की वृद्धि के साथ 338 तक पहुंच गया। यह स्तर बहुत खराब श्रेणी में आता है। रात के समय पीएम 2.5 की मात्रा 444 तक दर्ज की गई, जिससे हवा में सूक्ष्म कणों की घनता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई।
पिछले कुछ दिनों से जिला में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दिन में हल्की धूप और शाम को धुंध जैसी परत ने प्रदूषण को और बढ़ा दिया है। हवा की रफ्तार कम होने से प्रदूषण के कण वातावरण में फंस गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण का यह स्तर सांस, दमा, और हृदय रोगियों के लिए बेहद खतरनाक है।
शहर पर छाई स्मॉग की चादर
स्थानीय नागरिक राजेश कुमार, संदीप शर्मा, दीपेंद्र, राहुल आदि का कहना है कि शाम होते ही आसमान में धुंध जैसी परत छा जाती है। कई बार तो वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ता है। वहीं सुबह की सैर और बाहर टहलने वालों ने प्रदूषण के कारण खुले में निकलना बंद कर दिया है। शहर के अस्पतालों में भी सांस और आंखों में जलन की शिकायत वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।