संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बस स्टैंड को शिफ्ट करने की योजना जमीन के अभाव में ठंडे बस्ते में चल रही है। विभाग द्वारा इस समय जमीन की तलाश की जा रही है। करीब दस माह पूर्व गांव समसपुर की ग्राम पंचायत द्वारा जमीन उपलब्ध कराने के बाद विभाग ने इसका प्रपोजल बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा था, लेकिन शहर से अधिक दूरी होने के कारण यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई थी।
वर्ष 1983 में बना चरखी दादरी का बस स्टैंड महज 3 एकड़ 10 मरला भूमि पर बना है। साथ ही वर्कशॉप भी इसी भूमि पर होने के कारण जगह का अभाव बना हुआ है। जगह के अभाव में 108 बसों के बेड़े के लिए महज 9 ही बूथ बनाए गए हैं। भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने से कुछ राहत जरूर मिली थी। लेकिन शहर के मुख्य बाजारों में दिनभर बसों के आवागमन से जाम की स्थिति बनी रहती है। मौजूदा बस स्टैंड परिसर का दायरा छोटा पड़ने से परिवहन विभाग बूथ संख्या में विस्तार नहीं कर पा रहा है। आलम यह है कि सभी बसों को एक साथ बस स्टैंड परिसर में खड़ा करने की जगह नहीं है, जिसके चलते कुछ बसें कार्यशाला में खड़ी करनी पड़ती हैं।
- बसों से दिनभर रहती है जाम की स्थिति
बाजार के बीचोंबीच बस स्टैंड होने से दिनभर बसों का आवागमन लगा रहता है। बसें जैसे ही बस स्टैंड के सामने पहुंचती हैं तो बस स्टैंड परिसर में जगह के अभाव में बाहर ही यात्रियों को उतारना शुरु कर देती हैं। ऐसे में बस स्टैंड रोड पर अक्सर जाम के हालात बने रहते हैं। सबसे अधिक समस्या बस स्टैंड से रोहतक चौक, लोहारू चौक, रोहतक रोड, पुराना झज्जर रोड पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
- प्रतिदिन 40 हजार यात्री करते हैं सफर
बस स्टैंड से प्रतिदिन करीब 40 हजार यात्री सफर करते हैं। डिपो की दैनिक आमदनी करीब 10 से 12 लाख रुपये है। करीब 25 रूटों पर बसों का संचालन किया जाता है। यात्रियों के लिए पार्किंग की सुविधा नहीं है और बस स्टैंड से बाहर वाहन खड़ा करने पर पुलिस कार्रवाई करती है। ऐसे में वाहनों की भीड़ मुख्य सड़क पर ओर अधिक बढ़ जाती है।
उपमुख्यमंत्री ने दिए थे बस स्टैंड स्थानांतरण के संकेत
21 जून को दादरी पहुंचे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया था। इस दौरान उन्होंने बस स्टैंड के कहीं और स्थानांतरण के संकेत भी दिए थे। उन्होंने कहा था कि सरकार जिले में मेडिकल कॉलेज, पुलिस लाइन और बस स्टैंड निर्माण के लिए करीब 100 एकड़ जमीन की तलाश कर रही है। सरकार की योजना है कि जल्द ही इन तीनों परियोजनाओं की सौगात जिले के लोगों को प्रदान कर दी जाए।
- वर्जन:
राज्य परिवहन के बस स्टैंड को शिफ्ट करने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। बस स्टैंड को शिफ्ट करने के लिए कम से कम आठ एकड़ भूमि की आवश्यकता है। भूमि मिलने के बाद प्रपोजल बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
-प्रदीप अहलावत, महा प्रबंधक राज्य परिवहन चरखी दादरी।