चरखी दादरी। सरकार ने पहली बार खरीफ सीजन की फसलों की डिजिटल क्रॉप सर्वे का निर्णय लिया है। इससे पहले पटवारी व्यक्तिगत रूप से सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करते थे। सर्वे के दौरान फसलों की बिजाई का आंकड़ा एकत्रित किया जाता है।
जिले में खरीफ सीजन में बाजरा की अधिक क्षेत्र में बिजाई कर रखी है। कपास, ग्वार, ज्वार, मूंग व धान की भी बिजाई कर रखी है। बाजरा की बिजाई का रकबा सर्वाधिक एक लाख 45 हजार एकड़ है। पटवारियों ने क्रॉप सर्वे का विरोध कर रखा है। पटवारी हड़ताल पर हैं। अब अधिकारियों की रिपोर्ट पर क्रॉप सर्वे करवाने का फैसला टिका है।
अब खरीफ सीजन की फसलों की डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए प्रशासन ने नायब तहसीलदार, तहसीलदार व दो एसडीएम को फील्ड के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। बाद में यह रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। अधिकारियों की यह टीम खेतों में जाकर क्रॉप सर्वे के दौरान आने वाली दिक्कतें एवं खामियों का आकलन करेगी।
यह पता लगाया जाएगा कि क्रॉप सर्वे के दौरान किस प्रकार की दिक्कतें आने वाली हैं। इसके बाद ही सर्वे करवाने के बारे में निर्णय लिया जा सकेगा। अब तक फसलों की हर साल सामान्य रूप से कागजी तौर पर गिरदावरी होती रही है। राजस्व विभाग से सदर कानूनगो राजेश कुमार ने बताया कि अधिकारियों ने खेतों का दौरा शुरू कर दिया है।