चरखी दादरी। जिले के गांव कन्हेटी से पेप्सू पंजाब के समय विधायक भी रहा और लगातार पंचायतों का गठन होता रहा। इसके बावजूद पिछड़ापन दूर नहीं हो सका। शिक्षा व रोजगार की दृष्टि से गांव प्रगति नहीं कर सका। गांव में एक बार महिला भी सरपंच बनी है। इन चुनावों में प्रमिला व मुनेश सरपंच पद पर अपना भाग्य आजमा रही हैं। गांव में कुल आठ वार्ड हैं।
धवन गोत्र बाहुल्य गांव कन्हेटी से शीशराम पेप्सू के समय विधायक रहे। गांव में एक ही परिवार से इंद्र सिंह, युद्धवीर सिंह व ईश्वर सिंह सरपंच रहे। प्रमिला व उसके पति रमेश ने भी सरपंची की है। इसके अलावा स्वरूप सिंह गांव के सरपंच रहे। इसी प्रकार ब्रह्मदत्त शर्मा भी सरपंच रहे। एससी वर्ग से जयदेव ने सरपंची की है। दलीप सिंह व जगदेव सिंह ने भी गांव की चौधर की है। नरेश कुमार भी गांव के सरपंच रह चुके हैं।
इस समय चुनाव मैदान में प्रमिला पत्नी रामकिशन व मुनेश के बीच मुकाबला है। सरपंच पद की सीट सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। गांव में करीब 1319 मतदाता हैं और पंच पद के लिए आठ वार्ड हैं।
ग्रामीणों के अनुसार गांव से विधायक भी रह चुका और पंचायतों का भी नियमित गठन होता रहा है लेकिन गांव में उस स्तर के विकास कार्य नहीं हो पाए। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नौकरी व शिक्षा का अभाव शुरू से ही रहा है। गांव में शुरू से ही मिडिल स्कूल रहा है और ऐसे में बच्चों को स्कूली स्तर की शिक्षा भी ठीक प्रकार से नहीं मिल पाई। साथ लगते गांवों में जाकर हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूल तक की शिक्षा प्राप्त करनी पड़ती है।
- परिवहन सेवाओं की कमी और पेयजल संकट है मुद्दा
गांव निवासी शिक्षक एवं मौजिज संजय शास्त्री ने बताया कि गांव में यातायात के साधनों की कमी बनी रही है। रोडवेज बसों का जुड़ाव भी इस गांव से नहीं है। ऐसे में विद्यार्थियों को दादरी शहर व शिक्षण संस्थाओं में पढ़ाई करने जाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में पेयजल व सिंचाई की भी विकट समस्या है। गांव में जलघर है लेकिन नहरों से साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। अबकी बार उम्मीद है कि चुने जाने वाला सरपंच गांव के बेहतरी के लिए कुछ विशेष प्रयास करेगा।