चरखी दादरी। ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के लिए उच्चतर शिक्षा के रास्ते और आसान हो गए हैं। झोझू कलां स्थित महिला महाविद्यालय ने अब दूरस्थ शिक्षा की सुविधा शुरू कर दी है जिससे छात्राएं घर बैठे ही स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई कर सकेंगी। इस पहल का उद्देश्य उन छात्राओं को शिक्षा से जोड़ना है, जो पारिवारिक जिम्मेदारियों, आर्थिक कारणों या दूरी की वजह से नियमित कक्षाओं में शामिल नहीं हो पाती थीं। महाविद्यालय प्रबंधन की ओर से बताया गया कि महिला महाविद्यालय झोझू कलां, हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के माध्यम से दूरस्थ शिक्षा करवा रहा है। इसके तहत बीए, बीकॉम, एमए इतिहास के साथ-साथ कंप्यूटर डिप्लोमा कोर्स में दाखिले शुरू किए गए हैं। डिस्टेंस एजुकेशन की शुरुआत होते ही छात्राओं का रुझान तेजी से देखने को मिला है और अब तक 48 छात्राओं ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला ले लिया है।
छात्राओं को होगा फायदा
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र की उन छात्राओं के लिए लाभकारी सिद्ध होगी, जो नियमित कॉलेज आने में असमर्थ रहती हैं। डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से छात्राएं अपने घर पर रहकर अध्ययन सामग्री प्राप्त कर सकेंगी, निर्धारित समय पर परीक्षा दे सकेंगी और विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त डिग्री हासिल कर सकेंगी। इससे छात्राओं का समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
फिलहाल 1400 छात्राएं ले रहीं शिक्षा
गौरतलब है कि झोझू कलां स्थित महिला महाविद्यालय में वर्तमान में करीब 1400 छात्राएं नियमित शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। कॉलेज में पहले से ही बीए, बीएससी और बीकॉम जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ स्नातकोत्तर स्तर पर एमए इतिहास, फिजिक्स, राजनीतिक विज्ञान, भूगोल और योग की पढ़ाई करवाई जा रही है। अब डिस्टेंस एजुकेशन शुरू होने से कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों का दायरा और बढ़ गया है।
नए कोर्सेज भी होंगे शामिल
महाविद्यालय प्रबंधन के अनुसार आने वाले समय में डिस्टेंस एजुकेशन के तहत और भी विषय जोड़ने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक छात्राएं इसका लाभ उठा सकें। कॉलेज का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में यह कदम महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक मजबूत पहल है। उच्च शिक्षा प्राप्त कर छात्राएं न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के नए अवसर भी उनके लिए खुलेंगे।
वर्जन :
दूरस्थ शिक्षा जैसी सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं। झोझू कॉलेज की यह पहल क्षेत्र की छात्राओं के भविष्य को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। अब छात्राओं को उच्चतर शिक्षा के लिए शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और वे अपने गांव में रहकर ही अपने सपनों को साकार कर सकेंगी। - एडवोकेट सुरेंद्र पाल, प्रधान, शिक्षा एवं जनकल्याण समिति, झोझूकलां।