चरखी दादरी/बाढड़ा। चांदवास निवासी रिटायर्ड कर्नल अमरजीत श्योराण के साढ़े 22 लाख रुपये की रिश्वत लेने का मामला वीरवार को दिनभर सुर्खियों में रहा। इस मामले में चंडीगढ़ से आई सीबीआई की एनसीबी विंग करीब साढ़े 9 घंटे तक बाढड़ा थाने में डेरा डाले रही। वीरवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे रिटायर्ड कर्नल को साथ लेकर पंचकूला के लिए रवाना हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार पंचकूला में ही भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिटायर्ड कर्नल पर केस दर्ज किया जाएगा। कार्रवाई करने पहुंची टीम ने मीडिया के समक्ष तथ्य उजागर नहीं किए। वहीं, सूत्रों की मानें तो मामले में रिटायर्ड कर्नल को रिश्वत की रकम समेत पकड़ने का जाल सीबीआई की एनसीबी विंग ने ही बुना। अहम बात यह है कि मामले में शिकायतकर्ता राजेश महत्ता रिटायर्ड कर्नल अमरजीत श्योराण का दोस्त है और दोनों की दोस्ती करीब 10 साल पुरानी है।
ग्रामीणों के अनुसार उसे पहले भी रिटायर्ड कर्नल के पास आते-जाते देखा गया है। यह मामला उजागर होने के बाद चांदवास के ग्रामीण भी हैरान हैं। सूत्रों के अनुसार अमरजीत श्योराण वर्ष 2017 में कर्नल के पद से रिटायर्ड हुए थे। उनकी अंतिम तैनाती हिसार कैंट में थी। इसके बाद उन्होंने उचाना सैनिक कैंटीन में नौकरी की। वहां से उनका पहले भिवानी और फिर बाढड़ा कैंटीन में तबादला हुआ।
फिलहाल वह राजगढ़ कैंटीन में तैनात थे। रात करीब डेढ़ बजे टीम रिटायर्ड कर्नल के घर पहुंची। वहां परिजनों के हंगामा करने के बाद बाढड़ा थाना पुलिस टीम को भी मौके पर बुलाया गया। थाना प्रभारी दिलबाग सिंह देर रात ही चांदवास गांव पहुंचे और वहां से सीबीआई की एनसीबी विंग रिटायर्ड कर्नल को लेकर थाने आ गई और सुबह तक वहां पूछताछ की गई। इसके बाद टीम अपनी गाड़ी में रिटायर्ड कर्नल को बैठाकर थाने से रवाना हो गई।
चारपाई पर भी लगा मिला पाउडर
शिकायतकर्ता ने जो रुपये रिटायर्ड कर्नल को दिए थे, उन पर पाउडर लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि रिटायर्ड कर्नल ने अपने घर के अंदर चारपाई पर रिश्वत के रुपये रखे थे। क्योंकि टीम को चारपाई पर भी नोटों पर लगाया गया पाउडर मिला है।
बुधवार को हिसार और भिवानी में भी कर्नल से मिला था शिकायतकर्ता
बताया जा रहा है कि मामले की शिकायतकर्ता राजेश महत्ता बुधवार को रिटायर्ड कर्नल अमरजीत श्योराण को पहले हिसार और फिर भिवानी मिला था। दोनों जगहों रिश्वत की रकम का लेन-देन नहीं हो पाया। इसके बाद शिकायतकर्ता देर रात चांदवास गांव स्थित रिटायर्ड कर्नल के घर पहुंचा और वहां साढ़े 22 लाख रुपये दे दिए।
शोर सुनकर रात को मौके पर पहुंचे ग्रामीण
टीम के रिटायर्ड कर्नल के घर दबिश देने के बाद वहां हंगामा हुआ और शोर सुनकर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। हालांकि, उनके समक्ष टीम ने स्थिति स्पष्ट कर दी और उसके बाद रिटायर्ड कर्नल को थाने ले जाया गया। सूत्रों की मानें तो रिटायर्ड कर्नल का बेटा लेफ्टिनेंट है, जबकि दामाद उत्तर-प्रदेश कैडर के आईपीएस हैं।