चरखी दादरी। उत्तर भारत में पिछले दिनों से हो रही मानसून की बारिश के बाद नदियां व नहरें उफान पर हैं। पहाड़ों से बारिश का पानी नहरों में जा रहा है। कई जिले तो पानी का दबाव झेलने की स्थिति में नहीं हैं। वहीं दादरी जिले की स्थिति देखें तो अभी 500 क्यूसेक पानी जिले की नहरें और झेल सकती हैं। फिलहाल इनमें 500 क्यूसेक पानी चल रहा है। नहरी पानी की मात्रा और बढ़ सकती है और इसे देखते हुए सिंचाई विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभाग ने एक कंट्रोल रूम बनाया है और मदद के लिए यहां का नंबर 8307279082 भी जारी कर दिया है।
बता दें कि जिले की नहरें 1000 क्यूसेक तक पानी झेल सकती हैं। इसके बाद नहरें ओवरफ्लो हो जाएंगी। इस समय क्षमता से आधा पानी नहरों में चल रहा है। नहरों में अगर 900 क्यूसेक से अधिक पानी चलता है तो सिंचाई विभाग के पंप हाउस की मोटरें और पंप सेट निर्बाध रूप से चलाने पड़ेंगे। अगर कोई बिजली कट या फॉल्ट आया तो मोटरें बंद हो जाएंगी। हालांकि इस स्थिति के लिए विभाग ने पंप हाउस पर वैकल्पिक व्यवस्था की हुई है।
सिंचाई विभाग की योजना है कि नहरों में पानी का स्तर बढ़ने पर इसे टेल तक पहुंचाया जाए। पानी की खपत रेतीले क्षेत्र में करने की योजना है और इसके तहत विभाग ने अपने संसाधन दुरुस्त किए हुए हैं। अचानक बिजली फाॅल्ट आने पर नहरें ओवरफ्लो न होने पाएं इसके लिए रिजर्व टैंक को भी साथ-साथ खाली किया जा रहा है। सिंचाई विभाग गांवों व खेतों में जलभराव न होने पाए इस पर प्राथमिकता से काम करेगा।
- जिले में 65 सब माइनर, माइनर और नहर
जिले में 65 नहरें, माइनर व सब माइनर हैं। इस समय इन सभी नहरों, माइनर व सब माइनरों में पानी छोड़ दिया गया है ताकि पानी का समायोजन हो सके। बारिश होने की वजह से किसानों को भी खरीफ की फसलों की सिंचाई के लिए नहरी पानी की जरूरत नहीं है। सिंचाई विभाग जैसे-तैसे पानी का समायोजन कर रहा है। मेन लोहारू केनाल, लोहारू फीडर के अलावा बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी, मैहड़ा डिस्ट्रीब्यूटरी, कितलाना डिस्ट्रीब्यूटरी आदि पानी से लबालब हैं।
- बेलदार से एसडीओ तक कर रहे निगरानी
लोहारू केनाल में गांव घिकाड़ा के समीप पंप हाउस में 32 मोटर एवं पंप लगे हैं जो लगातार पानी का उठान कर रहे हैं। यह सभी पंप नए एवं आधुनिक तकनीक के हैं जो 2016 में सीएम घोषणा के तहत लगाए गए थे। इन मोटर एवं पंप की पानी उठान की क्षमता 10 से 25 क्यूसेक है। सिंचाई विभाग के जेई, एसडीओ व बेलदार लगातार नहरों की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी नहर में कोई रिसाव व कट न होने पाए।
- खाली होने के बाद रिजर्व टैंक बनेगा विकल्प
नहरों में मानसून के सीजन के दौरान करीब तीन माह तक पानी लगातार चलेगा। इसके लिए विभाग सतर्क हो गया है। साइटों की निगरानी रखी जा रही है। नहर ओवरफ्लो होने पर पानी को रिजर्व टैंक में उतार दिया जाएगा। पंप हाउसों पर बिजली आपूर्ति पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दादरी क्षेत्र के पानी को लोहारू एरिया में भेजा जाएगा क्योंकि वहां रेतीली मिट्टी होने की वजह से पानी का समायोजन आसानी हो सकेगा। जिले की मेन लोहारू कैनाल की टेल लोहारू उपमंडल के समीप गांव सोहांसड़ा के समीप पड़ती जो चरखी दादरी से करीब 60 किलोमीटर दूर है।
वर्जन: नहरों में पानी छोड़ा हुआ है। नहर ओवरफ्लो न हो जाए इसके लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। सिंचाई विभाग कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है। कर्मचारी 24 घंटे सेवा में रहेंगे। इस समय 500 क्यूसिक पानी चल रहा है।
-हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग