चरखी दादरी। शहर के शहीद दलबीर सिंह मॉडल संस्कृति स्कूल में जलभराव की समस्या अब बड़ा मुद्दा बन गई है। वीरवार को स्कूल के 100 से अधिक विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों ने प्राचार्य को पत्र सौंपकर विद्यालय में बेहतर व्यवस्था की मांग उठाई है। अभिभावकों का कहना है कि पिछले 15 दिनों से विद्यालय परिसर में जलभराव की समस्या का अभी तक समाधान नहीं हुआ है। कमरों में नमी व दुर्गंध के कारण बच्चों की सेहत बिगड़ने लगी है। ऐसे माहौल में पढ़ाई करना संभव नहीं है। यदि प्रबंधन बेहतर व्यवस्थाएं नहीं कर सकता है तो उन्हें एसएलसी दी जाए जिससे किसी अन्य स्कूल में दाखिला करवाकर पढ़ाई सुचारू रूप से करवा सके।
अभिभावकों का कहना है कि प्रशासन पिछले 15 दिनों से हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। 700 विद्यार्थी स्कूल खुलने के बाद भी नियमित कक्षाएं तक नहीं ले पाए हैं। प्रशासन व जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से समस्या के समाधान के लिए किए गए प्रयास भी विफल साबित हुए हैं। गंदे पानी से उठने वाली दुर्गंध व दूषित माहौल में बच्चे पढ़ाई नहीं कर सकते। लंबे समय से जलभराव से मच्छर एवं जहरीले जीवों के कारण आए दिन बच्चों की सेहत बिगड़ने लगी है। पिछले 14 दिन से बच्चे नियमित रूप से कक्षाएं तक नहीं ले पाए हैं। समस्या का समाधान करने के बजाय जिम्मेदार भी अवकाश की घोषणा कर देते हैं।
अभिभावकों का कहना है कि आखिर कब तक बच्चे घरों में बैठे रहेंगे। आए दिन बच्चे बीमार हो रहे हैं। वीरवार को भी एक बच्चा बीमार होने पर अभिभावकों को कॉल करके प्रबंधन ने सूचना दी जिसके बाद अभिभावक आकर उसे ले गए। इससे पहले भी प्रबंधन की ओर से 10 जुलाई तक अवकाश की घोषणा के बाद अब 16 जुलाई तक उपायुक्त की ओर से अवकाश की घोषणा कर दी गई। अभिभावकों के तेवर देखते हुए स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक हुई, जिसमें शिक्षकों ने सोमवार से हर हाल में कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया।
एडीसी के आदेश भी नहीं उतरे धरातल पर
स्कूल प्रबंधन की ओर से प्रशासन व जनस्वास्थ्य विभाग को बार-बार समस्या से अवगत कराने के बाद मंगलवार को दो मोटर लगाकर पानी निकासी के प्रयास किए गए थे। लेकिन यह मोटर भी महज 5-6 घंटे ही चल पाई। इसके बाद से मोटरें बंद पड़ी हैं। गत शनिवार को अतिरिक्त उपायुक्त जयेंद्र सिंह मॉडल स्कूल में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक लेने पहुंचे थे। उस दौरान कुछ शिक्षकों द्वारा जलभराव की समस्या से उन्हें अवगत कराया। इसके उपरांत उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यथाशीघ्र पानी निकासी का आदेश दिया था, लेकिन उनका आदेश भी धरातल पर नहीं उतर पाया।
- 23 कमरों के अंदर तक पहुंचा है पानी
छह एकड़ में बने इस भवन के सात में से पांच खंडों 23 कमरे पूरी तरह पानी में डूबे हैं। हालात यह है कि पिछले 15 दिनों से भरे पानी के कारण भवन की दीवारों में भी करीब चार से पांच फुट तक नमी पहुंच चुकी है। लंबे समय तक पानी ठहरने से दुर्गंध उठनी शुरू हो चुकी है। वहीं, प्राथमिक विंग के भवन में बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हैं। बच्चों के लिए नमी वाले फर्श पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करना किसी चुनौती से कम नहीं हैं।
अभिभावकों व विद्यार्थियों की ओर से उन्हें पत्र सौंपकर बेहतर व्यवस्थाएं करने की मांग की है। अध्यापकों के साथ बैठक कर सोमवार को हर हाल में कक्षाएं लगाने का निर्णय लिया है। स्टाफ सदस्यों ने कक्षाएं विद्यालय में ही लगाने की मांग की। विद्यार्थियों की पढ़ाई को सुचारू रूप से शुरू कराने के लिए सोमवार से दो शिफ्टों में कक्षाएं शुरू की जाएंगी। पहली शिफ्ट में सुबह 6:55 से 12-15 में नौवीं से 12वीं तथा 12:30 से शाम पांच बजे तक पहली से आठवीं के विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा।
-सुरेश कुमार यादव, प्राचार्य, शहीद दलबीर सिंह मॉडल संस्कृति स्कूल, चरखी दादरी।