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खुले मैदान में नहीं छोड़े जाएंगे पशुओं के शव, दफनाने के बाद प्रशासन लगाएगा एक पौधा

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नंदीशालाओं के प्रबंधन और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत अधिकारियों की बैठक लेते डीसी राजेश ? - फोटो : CharkhiDadri
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जिले में पशुओं के शव कहीं भी खुले मैदान में नहीं छोड़े जाएंगे। अब शव को बोरी में बांधकर दफनाने जाएगा। इसके साथ ही उस जगह पर एक पौधा भी लगाया जाएगा। वीरवार को आयोजित नंदीशालाओं के प्रबंधन एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम से संबधित बैठक में संबोधित करते हुए उपायुक्त राजेश जोगपाल ने ये निर्देश जारी किए।
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उन्होंने कहा कि दादरी में लाचार व निरीह पशुओं की समस्या का समाधान करने के लिए ग्रामीणों व शहरवासियों को मिलकर प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। नागरिक व प्रशासन के सामूहिक प्रयासों से ही बेसहारा पशुओं को आसरा और चारा-पानी दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लावारिस पशुओं की देखभाल में दो-चार को छोड़कर बाकी गोशाला प्रबंधन समितियां कोई विशेष रुचि नहीं ले रही हैं। जबकि हर गोशाला में चाहे दुधारू हो या बीमार, सभी तरह के पशुओं को आश्रय मिलना चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि किसी गाय या नंदी की मृत्यु हो जाए तो पशुओं के लिए काम करने वाली गैर सरकारी संस्था, वन विभाग, नगरपरिषद व पशुपालन विभाग की सहायता से उसके शव को बोरी में बांधकर जमीन में दफन किया जाए। इस स्थान को पौधरोपण करके यादगार के रूप में सुंदर बनाया जाए। इससे मृत पशु की सद्गति होगी। यह कार्य वन विभाग, पंचायत या नगरपरिषद की भूमि में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शहर में कोई पशु गड्ढे या नाले में गिर जाता है या सड़क दुर्घटना में घायल हो जाता है, तो नगर परिषद की टीम उस पशु को निकालने और अस्पताल पहुंचाने में मदद करेगी। बैठक में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. जसवंत सिंह, डॉ. दिलीप सिंह सांगवान, डॉ. महासिंह, नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी मनोज यादव, समाजसेवी रिंपी फौगाट सहित पुलिस व वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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कलियाणा में बनाई जाएगी आदर्श नंदीशाला
बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिए कि गांव कलियाणा की नंदीशाला को जिला की आधुनिक व आदर्श नंदीशाला के रूप में विकसित किया जाए। यहां पशुओं के लिए बेहतर शेड, चारा, पानी, चिकित्सा जांच, साफ-सफाई, बाग-बगीचे आदि की व्यवस्था होनी चाहिए। इससे कि यह नंदीशाला खूबसूरत लगे और अन्य गोशाला संचालकों को यहां का प्रबंधन देखकर साफ सफाई रखने व अनुशासित ढंग से पशुपालन करने की प्रेरणा मिले। इस नंदीशाला में विकास कार्य करवाने के लिए शीघ्र ही अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जाएगी।
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