कोरोना के चलते शहरी विकास पर ब्रेक लगा हुआ है। गली और सड़कों के निर्माण का टेंडर लेने वाली एजेंसियों के पास लेबर की कमी है। इसके चलते शहर में करीब 100 गलियों व सड़कों का निर्माण सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। जर्जर और कच्ची गलियों से परेशान लोग पिछले सात माह से काम शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि एजेंसियों को जल्द काम शुरू करवाने के निर्देश दे दिए जाएंगे। जल्द से जल्द तीन करोड़ की विकास परियोजनाओं को सिरे चढ़ाया जाएगा।
करीब एक साल पहले नगर परिषद की बैठकों में 100 गलियों और कुछ मुख्य सड़कों के पुन: निर्माण के प्रस्ताव पास हुए थे। इसके बाद इंजीनियरिंग ब्रांच ने करीब तीन करोड़ के प्रस्ताव तैयार किए थे। शहर की गलियों और सड़कों के निर्माण के लिए करीब आठ माह पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी। गत मार्च माह में काम शुरू होना था, लेकिन वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद कोरोना के चलते लॉकडाउन लग गया और गलियों व सड़कों के निर्माण की प्रक्रिया अधर में लटक गई।
अनलॉक के बावजूद एजेंसियां अब तक लेबर का प्रबंध कर गलियों और सड़कों का निर्माण कार्य शुरू नहीं करवा पाई है। इसके अलावा नगर परिषद अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्ड पार्षदों का कहना है कि कई बार अधिकारियों के सामने कई बार गलियों का निर्माण कार्य शुरू करवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है।
प्रत्येक वार्ड में बननी हैं तीन से पांच गलियां
नगर परिषद अधिकारियों ने जो 100 गलियों के निर्माण के टेंडर लगाए थे, उनके तहत प्रत्येक वार्ड में तीन से पांच गलियों का निर्माण होना है। इनमें से 40 गलियां तो पहली बार बननी हैं। इन गलियों को पक्का करवाने की मांग लोग पिछले कई सालों से कर रहे हैं। लोगों को अप्रैल तक गलियों का निर्माण होने की उम्मीद थी, लेकिन लॉकडाउन के चलते मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है। पूरे शहर की अगर बात करें तो 100 से ज्यादा गलियां अभी कच्ची हैं।
झज्जर घाटी रोड और घिकाड़ा रोड नाले का निर्माण नहीं हुआ पूरा
झज्जर घाटी क्षेत्र से लेकर पुराना दिल्ली रोड तक नगर परिषद सड़क का पुन: निर्माण करवा रही है। इस पर करीब 70 लाख रुपये खर्च होने है। पिछले नौ महीन से सड़क उखड़ी हुई है और निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ है। लोगों का कहना है कि सड़क उखाड़ने के बाद से ही कुछ घरों में सीवर और पेयजल की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा घिकाड़ा रोड नाले के निर्माण की प्रक्रिया भी पिछले नौ माह से चल रही है लेकिन अभी काम पूरा नहीं हुआ है।
मैने कुछ दिन पहले ही कार्यभार संभाला है। मैं फाइल मंगवाकर स्टेट्स रिपोर्ट देखूंगा। जल्द से जल्द विकास परियोजनाओं को सिरे चढ़ाने का हमारा प्रयास रहेगा।
प्रशांत पराशर, सचिव, नगर परिषद
गलियों और सड़कों के निर्माण के लिए सारी प्रक्रिया पूरी कर रखी है। कोरोना के चलते लॉकडाउन लगने से काम शुरू नहीं हो पाया। जल्द से निर्माण कार्य शुरू करवा दिए जाएंगे।
संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद