चरखी दादरी। रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग पर स्थित आरओबी की लगातार बिगड़ती स्थिति को लेकर लोक निर्माण विभाग ने अब तकनीकी जांच प्रक्रिया आरंभ कर दी है। आरओबी की मौजूदा हालत का जायजा लेने और उसकी मजबूती से जुड़ी तकनीकी जानकारी जुटाने के लिए विशेषज्ञ टीमों को बुलाया गया है। गाजियाबाद और कुरुक्षेत्र से आए विशेषज्ञ आरओबी का मौके पर गहनता से निरीक्षण करेंगे।
यह आरओबी भारी संख्या में ओवरलोड वाहनों के गुजरने के कारण लगातार कंडम होता जा रहा है। जिला प्रशासन ने आरओबी के पास एक चेतावनी बोर्ड भी लगाया है। इस बोर्ड पर वाहनों को कमजोर स्थिति के चलते वैकल्पिक रास्ता चुनने की सलाह दी गई है। इसके बावजूद भारी वाहनों का आवागमन निरंतर जारी है जिससे पुल पर दबाव बढ़ रहा है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विशेषज्ञ आरओबी के विभिन्न हिस्सों की तकनीकी स्थिति का आकलन करेंगे। वे पुल की संरचना, निर्माण सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण भागों की जांच करेंगे।
इस आकलन के आधार पर विभाग को आवश्यक तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आरओबी की मरम्मत का स्तर और तकनीकी प्रक्रिया तय की जाएगी।
तकनीकी आकलन और मरम्मत की आवश्यकता
विशेषज्ञों की टीम आरओबी के विभिन्न हिस्सों की तकनीकी स्थिति का गहन आकलन करेगी। इस निरीक्षण में पुल की संरचनात्मक अखंडता और उपयोग की गई निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। पुल के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों की स्थिति का भी बारीकी से अध्ययन किया जाएगा। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने लंबे समय से आरओबी की देखरेख और मरम्मत की जरूरत पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुल की हालत में सुधार आवश्यक है ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी या दुर्घटना से बचा जा सके।
एस्टीमेट और मंजूरी प्रक्रिया
विशेषज्ञों की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद, विभाग के अधिकारी एक विस्तृत एस्टीमेट तैयार करेंगे। इस एस्टीमेट में आरओबी की मरम्मत और आवश्यक सुधार कार्यों पर आने वाले अनुमानित खर्च का आकलन किया जाएगा। तैयार एस्टीमेट को उच्च अधिकारियों के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उच्च अधिकारियों से मंजूरी मिलने के बाद ही आरओबी की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कार्य शुरू किए जाने की संभावना है।
स्थायी समाधान और राहत की उम्मीद
संबंधित विभाग का मुख्य उद्देश्य आरओबी की वास्तविक तकनीकी स्थिति का पता लगाना है। इसके आधार पर एक स्थायी समाधान तैयार करना है ताकि पुल की समस्या का दीर्घकालिक निवारण हो सके। विशेषज्ञों की रिपोर्ट ही आगे की कार्रवाई का आधार बनेगी। इस पहल से उम्मीद जगी है कि लंबे समय से परेशानी का कारण बने इस आरओबी की हालत में जल्द सुधार होगा। इससे इस मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
आरओबी की स्पेशल मरम्मत से पहले निरीक्षण के लिए गाजियाबाद और कुरुक्षेत्र से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है। टीमें आरओबी की तकनीकी जानकारी जुटाने के रिपोर्ट तैयार कर हमारे अधिकारियों को सौपेंगे। इसके बाद एस्टीमेट बना मुख्यालय भेजा जाएगा।
- गुरचरणसिंह, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग