फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सफाई दरोगाओं ने चलाए वाहन, ईओ ने रात को उठवाया सड़कों से कचरा

विज्ञापन
कचरा उठान करने पहुंचे कर्मचारियों को निर्देश देते ईओ अभे सिंह यादव। - फोटो : CharkhiDadri
विज्ञापन
निकाय कर्मियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। वीरवार को 130 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए, जबकि 57 ड्यूटी करने पहुंचे। इसके बावजूद दिन के समय कुछ स्थानों से ही कचरे का उठान किया गया। इससे पहले बुधवार रात नगर परिषद अधिकारियों ने शहर की प्रमुख सड़कों और गलियों से कचरे का उठान भी कराया। ईओ की मौजूदगी में कर्मचारियों ने सात वाहनों से करीब दस टन कचरे का उठान किया। खास बात यह रही कि घिकाड़ा मोड़ से सातों वाहनों को एकसाथ डंपिंग प्वाइंट के लिए रवाना किया गया। अभी भी 26 टन से अधिक कचरा शहर के वार्डों में पड़ा होने से लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। वहीं, निकाय कर्मियों की हड़ताल दो दिन और बढ़ने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पिछले तीन दिनों से वार्डों से कचरे का उठान नहीं हो पा रहा और लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। हड़ताल के दूसरे बुधवार को कचरा उठान करने वाले नगर परिषद के वाहनों के पहिये जाम रहे थे। रात को ईओ अभे सिंह यादव व सेनेटरी इंस्पेक्टर विमय शर्मा कर्मचारियों और वाहनों के साथ कार्यालय से निकले। नप अधिकारियों ने सड़कों पर पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली और दो ऑटो टीपरों के जरिए कचरे का उठान करवाया। इस दौरान चालकों की कमी पड़ने पर सफाई दरोगाओं से ऑटो टीपर चलवाए गए। सेनेटरी इंस्पेक्टर विजय शर्मा ने बताया कि बुधवार रात सात वाहनों के जरिए शहर से करीब दस टन कचरे का उठान कर इसे डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचाया गया। नप सूत्रों की मानें तो कचरा उठान का कार्य रात दस बजे के बाद किया गया और करीब 15 कर्मचारियों की टीमों ने शहर की प्रमुख सड़कों पर बने डंपिंग प्वाइंटों से कचरे का उठान करवाया।
ज्ञात रहे कि हड़ताल के पहले दिन 127 सफाई कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए थे। दूसरे दिन हड़ताली कर्मचारियों की तादाद बढ़कर 155 पहुंच गई थी और इसके चलते दिनभर शहर से कूड़े का उठान नहीं हो पाया था। देर रात ईओ ने शहर से कचरे का उठान करवाया। वहीं, वीरवार को हड़ताली कर्मचारियों की संख्या घटकर 130 हो गई। हालांकि 57 कर्मचारी ड्यूटी पर भी पहुंचे और यह संख्या पिछले तीन दिनों में सबसे अधिक रही। पार्षदों ने रात को शहर की प्रमुख सड़कों से ही कचरे का उठान करने पर ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि वार्डों से कचरे का उठान करने में अधिकारी दिलचस्पी नहीं ले रहे और शहरवासी पार्षदों के पास पहुंचकर कचरा उठान कराने की गुहार लगा रहे हैं।
विज्ञापन

यूं बचा है शहर में अभी 26 टन कचरा
पिछले तीन दिनों से सफाई व्यवस्था चरमराई है। प्रतिदिन शहर से करीब 16 टन कचरे का उठान होता है। हड़ताल के पहले दिन शहर से छह टन और दूसरे दिन 14 टन कचरे का उठान किया गया। वहीं, नप अधिकारियों का दावा है कि वीरवार को भी आठ टन कचरे का उठान किया गया। ऐसे में पिछले तीन दिनों में शहर से 48 टन की बजाय 22 टन कचरे का ही उठान हो पाया है और 26 टन कचरा अभी वार्डों में ही है।
नगर परिषद के ईओ अभे सिंह यादव ने कहा कि हमने बुधवार रात को पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली और दो ऑटो टीपर से करीब दस टन कचरे का उठान करवाया है। वीरवार को 57 कर्मचारी ड्यूटी पर रहे और उनसे कचरे का उठान करवाया गया। स्थिति पूरी तरह से हमारे नियंत्रण में है। इधर, नप सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान सुरेंद्र कुमार ने कहा कि वीरवार को भी हमारा धरना जारी रहा। हमने हड़ताल दो दिन और बढ़ा दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें