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सीवर-पेयजल समस्या पर वाइस चेयरमैन और आठ पार्षदों ने डीसी की बैठक से किया वॉक आउट

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बैठक का बहिष्कार कर बाहर आने पर नारेबाजी करते हुए। - फोटो : CharkhiDadri
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शहर की बेपटरी सीवर-पेयजल व्यवस्थाओं से खफा वाइस चेयरमैन और पांच पार्षदों ने डीसी की बैठक से वॉक आउट कर दिया। यह बैठक डीसी ने पेयजल और सीवर समस्याओं का पता लगाने और समाधान के विकल्पों पर चर्चा के लिए बुलाई थी। बैठक कक्ष से बाहर आकर पार्षदों ने लघु सचिवालय में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। पार्षदों ने कहा कि एक सितंबर को सीएम मनोहर लाल की जन आशीर्वाद यात्रा को देखते हुए पार्षदों को बेबुनियाद आश्वासन बैठक में दिए गए, जिससे वे कतई संतुष्ट नहीं हैं। वहीं, इनके अलावा बैठक में मौजूद न रहने वाले अन्य तीन पार्षदों ने एक सितंबर को सीएम के आगमन पर विरोध करने के फैसले को समर्थन दिया।
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ज्ञात रहे कि गत बेपटरी सफाई और सीवर व पेयजल व्यवस्था को लेकर पार्षद गत 26 अगस्त को नगर परिषद कार्यालय में धरने पर बैठ गए थे। ईओ से करीब दो घंटे बैठक के बाद पार्षद लामबंद होकर डीसी ऑफिस पहुंचे थे। वहां उन्होंने सीएम मनोहर लाल के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा और इसमें समस्याओं का समाधान न होने पर सीएम का विरोध करने की चेतावनी दी। उस दौरान डीसी धर्मवीर सिंह ने दो-तीन दिन के अंदर जन स्वास्थ्य विभाग के एसई और एक्सईएन सहित अन्य अधिकारियों के साथ पार्षदों की बैठक कराने का आश्वासन दिया था।
इसके तहत वीरवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे नगर परिषद चेयरमैन संजय छपारिया, वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण, पार्षद विरेंद्र पप्पू, महेश गुप्ता, आनंद महराणा, बख्शी सैनी, रविंद्र गुप्ता, रोहित राजपूत सहित पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी, सुभाष स्वामी, सतबीर चौहान, कृष्ण कुमार, विक्रम श्योराण, एडवोकेट श्रीभगवान आदि लघु सचिवालय पहुंचे। दोपहर 11:40 पर सभी पार्षद डीसी कक्ष के अंदर चले गए। करीब एक घंटे बाद वाइस चेयरमैन बबलू सहित चार पार्षद व तीन पार्षद प्रतिनिधि बैठकर का बहिष्कार कर बाहर आ गए। उन्होंने इस बैठक को महज ढकोसला बताया।
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पार्षदों ने कहा कि सीएम का विरोध करने की चेतावनी पर जिला प्रशासन ने यह बैठक पार्षदों को मनाने के लिए बुलाई थी। शहर में सीवर के मौजूदा हालात विकट हो चले हैं और प्रशासन स्थिति को सुधारने की बजाय नए प्रपोजल तैयार करने और टेंडर लगाने जैसे लंबी समयावधि वाले काम कराने का आश्वासन दे रहा है, जो उन्हें मंजूर नहीं है। पार्षदों ने कहा कि सीवर सिस्टम में तुरंत सुधार करने की दरकार है अन्यथा आने वाले कुछ दिनों में सीवर का दूषित पानी सड़कों पर एक से दो फीट तक भरा नजर आएगा।
भाजपा वालों का गुट बैठा है अंदर... हमने किया बहिष्कार
बैठक का बहिष्कार कर बाहर आने वाले वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण, पार्षद विरेंद्र पप्पू, आनंद महराणा, बख्शी सैनी, महेश गुप्ता सहित पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी, सतबीर चौहान व विक्रम श्योराण आदि ने बताया कि उन्होंने डीसी की मध्यस्थता में जन स्वास्थ्य विभाग के एसई राजेंद्र जांगड़ा, एक्सईएन विक्रमजीत माथुर के साथ हुई बैठक का बहिष्कार कर दिया। अब भाजपा समर्थित पार्षदों का गुट ही डीसी के साथ अंदर बैठा है।
तीन साल से सीवर लाइनों से नहीं निकाली गंदगी
बैठक में पार्षदों ने डीसी को बताया कि शहर के ज्यादातर वार्डों में पिछले तीन साल से गंदगी नहीं निकाली गई है। उन्होंने बताया कि वार्ड में आठ और दस इंच वाली लाइन बिछाई गई है। इन लाइनों की सफाई न होने से लाइन बैक मार रही है। इस संबंध में डीसी ने विभागीय अधिकारियों को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
पुराने सिस्टम में सुधार नए प्रपोजल से संभव : डीसी
डीसी धर्मबीर सिंह ने कहा कि दादरी शहर में सीवर और पेयजल संबंधी समस्या अधिक है। यहां 40 पुराना सीवर सिस्टम है, जिसमें सुधार की दरकार है। इसके लिए नए प्रपोजल तैयार करने के आदेश मैंने जन स्वास्थ्य विभाग को दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि पार्षदों को सीएम का विरोध करने की बजाय समाधान के विकल्प ढूंढ़ने में सहयोग करना चाहिए। समाधान प्रदर्शन से नहीं मिल बैठकर बातचीत करने से निकलते हैं। जल्द ही शहर की सीवर और पेयजल सुविधाओं में सुधार करवा दिया जाएगा।
चेयरमैन बोले- डीसी साहब के आश्वासन पर विश्वास रखें पार्षद
चेयरमैन संजय छपारिया ने कहा कि पार्षदों को डीसी साहब के आश्वासन पर विश्वास करना चाहिए। जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह हमारा नैतिक फर्ज भी है। उन्होंने कहा कि बैठक से चार-पांच पार्षद ही बाहर गए थे। तीन पार्षद प्रतिनिधियों के भी बैठक से बाहर आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बैठक में केवल पार्षद को ही बैठने को अनुमति होती है, पार्षद प्रतिनिधि को नहीं। उन्होंने कहा कि मेरे अलावा, वरिष्ठ पार्षद रविंद्र गुप्ता, रोहित राजपूत, दिनेश जांगड़ा, एडवोकेट श्रीभगवान, सुभाष स्वामी आदि वरिष्ठ लोग अंदर ही बैठे थे।
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