निकाय कर्मियों की तीन दिवसीय हड़ताल के पहले दिन दादरी शहर में व्यापक असर देखने को मिला। महज 40 कर्मचारी ही ड्यूटी पर पहुंचने। 127 कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से वार्डों में सफाई व्यवस्था चरमराई रही। शहर से दोपहर तक करीब छह टन कचरे का उठान ही हो पाया और करीब दस टन कचरा वार्डों में घरों के सामने और गलियों में ही पड़ा रहा। दिलचस्प बात यह रही कि हड़ताल में शामिल 127 कर्मचारियों में से करीब 90 कर्मचारी ही नगर परिषद कार्यालय में धरने पर पहुंचे। 35 कर्मचारियों ने धरनास्थल पर पहुंचने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
नगर परिषद के आठ वाहनों ने ही शहर से करीब छह टन कचरे का उठान किया। हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को स्थिति और बदतर हो सकती है। हड़ताल में शामिल कर्मचारियों ने बुधवार को एक भी वाहन नप कार्यालय से नहीं निकलने देने का एलान किया है। मंगलवार को 21 वार्डों में कचरा उठान सेवा ठप रहने से करीब 70 हजार की आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर के निकाय कर्मचारी मंगलवार से तीन दिन की हड़ताल पर हैं। चरखी दादरी नगर परिषद में 187 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें से 127 पहले दिन हड़ताल में शामिल हुए और 40 ही ड्यूटी पर पहुंचे। नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो 20 कर्मचारी पहले से ही छुट्टी पर चल रहे हैं। मंगलवार को 167 कर्मचारियों को ड्यूटी पर पहुंचना था, लेकिन इनमें से महज 40 ही ड्यूटी पर आए। इन कर्मचारियों ने ट्रैक्टरों और ऑटो टीपरों में शहर के प्रमुख मार्गों से ही कचरे का उठान किया। वहीं, रोजाना की तरह ही कूड़ा उठाने के लिए नप कार्यालय से निकले नौ वाहनों के पहिये नहीं चलेे। हालांकि नप अधिकारियों का दावा है कि कचरा वार्डों में डोर-टू-डोर भी उठाया गया, लेकिन पार्षद इसे बेबुनियाद बता रहे हैं। पार्षद विरेंद्र पप्पू, कुलदीप गांधी, पार्षद प्रतिनिधि एडवोकेट विक्रम श्योराण व पार्षद विनोद वाल्मीकि आदि का कहना है कि मंगलवार को न तो उनके वार्डों में ऑटो टीपर पहुंचा और न ही कचरे एकत्र करने कोई सफाई कर्मचारी आया। वहीं, हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के समर्थन में शहर के पार्षद भी उतर आए हैं। मंगलवार को वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण, पार्षद विरेंद्र पप्पू, कुलदीप गांधी, विनोद वाल्मीकि व बख्शी सैनी सहित पार्षद प्रतिनिधि दीपक चौहान, पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी आदि सहित नौ पार्षदों का समर्थन सफाई कर्मियों को मिला। इसके अलावा कुछ अन्य संगठनों का समर्थन भी सफाई कर्मियों को मिला है।
प्रतिदिन 16 टन कचरा पहुंचता है डंपिंग प्वाइंट पर
रावलधी-भिवानी बाईपास स्थित रानियां वाला जोहड़ डंपिंग प्वाइंट पर नगर परिषद इस समय शहर के कचरे को डलवाती है। प्रतिदिन शहर से करीब 16 टन कचरे का उठान कर इसे ऑटो टीपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचाया जाता है। नगर परिषद के दस ऑटो टीपर और पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए शहर से कचरे का उठान किया जाता है। नप सूत्रों की मानें तो प्रमुख मार्गों से करीब छह टन और वार्डों से करीब दस टन कचरा प्रतिदिन उठाया जाता है। नगर परिषद के पांच ट्रैक्टर एक दिन में 15 और दस ऑटो टीपर 30 चक्कर लगाते हैं।
41 नियमित तो 64 डीसी रेट के कर्मचारी रहे हड़ताल पर
नगर परिषद सफाई कर्मियों की संख्या इस समय 187 है। इनमें 56 कर्मचारी नियमित हैं, जिनमें से सात छुट्टी पर चल रहे हैं और आठ ही ड्यूटी पर पहुंचे। 41 नियमित कर्मचारी हड़ताल पर रहे। वहीं, डीसी रेट पर लगाए गए कर्मचारियों की संख्या 91 है, जिनमें से 11 छुट्टी पर चल रहे हैं। इनमें 16 ही ड्यूटी पर पहुंचे। डीसी रेट पर लगे 64 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। वहीं आउटसोर्सिंग के तहत 40 कर्मचारी भर्ती किए गए हैं और इनमें से 22 हड़ताल में शामिल रहे और 16 ड्यूटी पर पहुंचे।
ये हैं सफाई कर्मियों की मुख्य मांगें
- कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना।
- ठेका प्रथा बंद कर नियमित भर्ती करना।
- समान काम-समान वेतनमान लागू हो।
- गत 24 मई को हुआ समझौता लागू हो।
दो ट्रैक्टर और सात ऑटो टीपरों ने शहर की प्रमुख सड़कों से कचरे का उठान किया है। कुछ वार्डों में डोर-टू-डोर सेवा के तहत घरों से कचरा भी उठाया गया। करीब छह टन कचरे का मंगलवार को उठान हुआ है। 127 कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
-विजय शर्मा, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद।
धरनास्थल पर करीब 90 कर्मचारी पहुंचे। हमें पार्षदों और सामाजिक संगठनों का पहले ही दिन समर्थन मिल गया। बुधवार को नप कार्यालय से एक भी वाहन नहीं निकलने देंगे। पहले दिन हड़ताल कामयाब रही और वार्डों से कचरे का उठान नहीं हुआ।
-सुरेंद्र कुमार, नप सफाई कर्मचारी यूनियन जिला प्रधान।