संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। 97 दिनों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नहरों में साफ पानी छोड़ा गया है। इससे शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित जलघरों में पेयजल की गुणवत्ता सुधरने की उम्मीद जताई जा रही है। अब तक जलघरों में खेतों से उठान कर बारिश का गंदा पानी डाला जा रहा था, जिसके कारण पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
पेयजल संकट के चलते नागरिकों को अपने स्तर पर टैंकर और हैंडपंप जैसे विकल्पों का सहारा लेना पड़ा। शहर में पहले से ही सीवर मिक्स पानी की शिकायतें आम हैं, जिससे लोगों का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा था। ऐसे में नहरों में स्वच्छ पानी का आना बड़ी राहत मानी जा रही है।
शहर को मुख्य रूप से दो नहरों से जलापूर्ति की जाती है। इनमें लोहारू कैनाल से चंपापुरी जलघर और बधवाना नहर से रामनगर जलघर। इन दोनों जलघरों में पंप और मोटर के माध्यम से पानी भरा जाता है, जो आगे पाइपलाइन के जरिये शहर के घरों तक पहुंचता है।
सिंचाई की जरूरत नहीं, तो जलघरों को फायदा : वर्तमान में खरीफ फसलों की कटाई का समय है, ऐसे में खेतों को सिंचाई की आवश्यकता नहीं है। यही कारण है कि इस समय नहरों में लगभग 500 क्यूसेक साफ पानी चल रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इसकी मात्रा और बढ़ेगी। इस स्थिति का फायदा जलघरों को मिलेगा और उन्हें भरपूर मात्रा में साफ पानी मिल पाएगा।