- झोझूकलां खंड में स्थायी बीडीपीओ न होने से ग्रामीण विकास में आ रही बाधा, खंड पंचायत समिति सदस्य और सरपंचों में बनी नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
झोझूकलां। खंड के विभिन्न गांवों के सरपंचों और पंचायत समिति सदस्यों ने मंगलवार को बीडीपीओ कार्यालय में ताला जड़कर रोष प्रदर्शन किया। वे लंबे समय से बीडीपीओ का पद खाली होने से परेशान हैं। पंचायत समिति सदस्यों और सरपंचों का कहना है कि बीडीपीओ की स्थायी नियुक्ति न होने का असर ग्रामीण विकास पर पड़ रहा है।
मंगलवार दोपहर झोझूकलां ब्लॉक प्रधान सरपंच रामवीर और ब्लॉक समिति अध्यक्ष नीतू यादव की अध्यक्षता में विभिन्न गांवों के सरपंच और पंचायत समिति सदस्य बीडीपीओ कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। उन्होंने सांकेतिक रूप से तालाबंदी की और इसके बाद नारेबाजी कर रोष जताया। उन्होंने बताया कि स्थायी बीडीपीओ नियुक्त न होने के कारण गांवों में विकास कार्य प्रभावित हैं।
करीब चार महीने से बीडीपीओ स्वाति अग्रवाल के पास झोझूकलां का अतिरिक्त कार्यभार है और वह अब तक एक या दो दिन ही कार्यालय में आई हैं। उस दौरान भी पंचायत समिति का कोई भी कार्य नहीं किया, जिस कारण ब्लॉक समिति सदस्यों व सरपंचों में रोष बना हुआ है।
वहीं, बाढड़ा एसडीएम सुरेश दलाल व कादमा सरपंच प्रतिनिधि महेश फौजी प्रकरण को लेकर भी निंदा प्रस्ताव पास किया गया। एसडीएम के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई।
एसडीओ के समक्ष रखीं मांगें
प्रदर्शनकारी खेमे ने एसडीओ अनुराग को समस्याओं से अवगत करवाया। उन्होंने कहा समस्याओं को एक सप्ताह में दूर किया जाएगा। वहीं, जिला परिषद के डिप्टी सीईओ प्रमोद देशवाल भी पहुंचे और उन्होंने भी समस्या को लेकर बातचीत की।
- प्रदर्शन में ये हुए शामिल
प्रदर्शन में वीरेंद्र यादव, उप प्रधान उषा रानी, झोझूकलां सरपंच अशोक, सरपंच प्रतिनिधि बिंदराज, बड़राई सरपंच सचिन, चंदेनी सरपंच राज, कादमा सरपंच प्रतिनिधि महे, रामलवास सरपंच प्रतिनिधि विनोद आदि प्रदर्शन में शामिल हुए।
फोटो 48
झोझूकलां बीडीपीओ कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन करते पंचायती समिति सदस्य और विभिन्न गांवों के सरपंच। संवाद