अधिवक्ता प्रशांत गहलावत को पीछे करते पुलिसकर्मी।
चरखी दादरी। कष्ट निवारण समिति की बैठक में शुक्रवार सुबह अधिवक्ता ने नाजिर के साथ एक करोड़ रुपये की मानहानि के मामले में प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा को समन थमाया। अधिकारियों के आदेश पर सुरक्षा की लिहाज से पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अधिवक्ता को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दो घंटे तक अधिवक्ताओं को थाने पर बैठाने के बाद छोड़ दिया।
लघु सचिवालय में शुक्रवार सुबह 9: 45 बजे कष्ट निवारण की समिति की बैठक शुरू हुई। प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा फरियादियों की शिकायतों को सुन रहे थे। सुबह करीब 10: 33 बजे अधिवक्ता प्रशांत गहलावत अपने मुवक्किल अधिवक्ता संजीव तक्षक के एक करोड़ की मानहानि के मामले में कोर्ट के नाजिर के साथ समन तामील कराने पहुंच गए। नाजिर से कृषि मंत्री ने समन ले लिया।
कृषिमंत्री ने उसे डीसी की तरफ बढ़ा दिया। अधिकारियों के आदेश पर पुलिस ने अधिवक्ता प्रशांत गहलावत को हिरासत में लेकर थाने ले गए। इसके बाद बार प्रधान व अन्य अधिवक्ता दादरी सिटी पुलिस थाने पहुंच गए। दो घंटे बाद अधिवक्ता प्रशांत गहलावत को छोड़ दिया गया। इसके बाद अधिवक्ता प्रशांत ने पुलिस अधीक्षक, सीएम विंडो व उच्चाधिकारियों को शिकायत दी और जांच कराने की मांग की।
जानिये...कृषि मंत्री पर क्यों किया गया एक करोड़ की मानहानि का दावा
अधिवक्ता संजीव तक्षक ने दादरी में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री श्याम सिंह राणा के समक्ष अवैध खनन, ओवरलोडिंग और हाईवे से संबंधित शिकायत रखी थी। शिकायतकर्ता अधिवक्ता का आरोप है कि उस दौरान मंत्री ने उसे गुंडा की संज्ञा दी। इसके बाद उन्होंने मंत्री पर एक करोड़ रुपये की मानहानि का दावा करते हुए एसीजेएम मीनाक्षी यादव की कोर्ट में याचिका दायर की। शिकायतकर्ता ने बताया कि पहली बार समन जारी करने पर रिसीव नहीं किया गया। इस कारण नाजिर को साथ लेकर उनके अधिवक्ता कृषि मंत्री को समन देने पहुंचे।
कृषि मंत्री बोले: आपका कभी समन नहीं आया क्या
कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मीडिया से रूबरू हुए। कृषि मंत्री ने समन के संबंध में पत्रकारों के पूछे गए सवाल के जवाब में कोई सीधा जवाब नहीं दिया। अलबत्ता पत्रकारों से ही कहा कि आपका कभी समन नहीं आया क्या। मंत्री ने कहा कि कोर्ट अपना काम करेगी।