संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। बाहरी चेहरों को प्रत्याशी बनाने और टिकट कटने से खफा पूर्व विधायक सुखविंद्र मांढ़ी ने 10 सितंबर को अपने फार्म हाउस पर समर्थकों की बैठक बुलाई है। बैठक में वह कार्यकर्ताओं से राय लेकर अगला निर्णय लेंगे। टिकट की घोषणा होने के बाद उन्होंने संगठन को अलविदा कह दिया था।
बता दें कि सुखविंद्र मांढ़ी ने भाजपा के टिकट पर वर्ष 2014 में चुनाव लड़ा था और वह विधायक चुने गए थे। विधानसभा में सबसे छोटी आयु के प्रतिनिधि के तौर पर जीत हासिल करने वाले सुखविंद्र को वर्ष 2019 में हुए चुनाव में जीत नसीब नहीं हुई थी। भाजपा ने उनको किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप रखी थी। इस बार विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर उनमें नाराजगी बनी हुई है। उन्होंने किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष के पद से इस्तीफा भी दे दिया है।