विनेश फोगाट ने साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया के साथ मिलकर वर्ष 2023 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया था। उस दौरान कुश्ती संघ पदाधिकारियों पर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद देश के सभी वर्गाें के लोगों का उन्हें भरपूर समर्थन मिला था। उनके आंदोलन का ही परिणाम था कि बृजभूषण को अध्यक्ष पद से हाथ धोना पड़ा।
हालांकि, बृजभूषण के चहेते संजय सिंह के अध्यक्ष बनते ही आंदोलन में विनेश का साथ देने वाली साक्षी मलिक ने कुश्ती छोड़ने का एलान कर दिया। वहीं, बृजभूषण पर आरोप तय होने के बाद सजा नहीं मिली तो विनेश ने भी खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार लौटाने का एलान कर दिया था। विनेश फौगाट कुश्ती संघ पदाधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने वालों में से प्रमुख चेहरा थीं।
लगातार तीन ओलंपिक में क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान
विनेश ने 2016 रियो खेलों में ओलंपिक में पदार्पण किया था। 2016 रियो ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल में घुटने की चोट से उनकी मेडल की उम्मीद टूट गई थी। घुटने में चोट लगने के कारण वह 48 किलोग्राम के क्वार्टरफाइनल में चीन की सुन यानान से हार गईं थीं। इसके बाद वर्ष 2020 में टोक्यो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में 53 किग्रा वर्ग में वेनेसा कलादजिंस्काया से हार मिली थी। अब वर्ष 2024 में उन्होंने पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। विनेश लगातार तीन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान हैं।