चरखी दादरी। जल अनमोल है...जल है तो कल है और जल का कोई विकल्प नहीं जैसे स्लोगन लिखकर साइकिल यात्रा पर निकले सिरसा सुभाषचंद्र ने मंगलवार को दादरी में जल जागरूकता का अभियान चलाया। सिरसा के रहने वाले समाजसेवी सुभाष चंद्र अभी तक प्रदेश में 260 गांव, 27 शहर व 2860 किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं।
चंपापुरी स्थित जलघर परिसर में मंगलवार को पहुंचे सुभाषचंद्र की निकाली जा रही यात्रा का स्वागत किया गया। जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता रोहित कुमार ने कहा कि पानी के प्रति हमें लोगों की सोच को बदलना होगा। आज हर आदमी यह सोचता है कि पानी देना तो सरकार व प्रशासन का काम है। पानी कहां से आएगा, इसकी फिक्र करना सरकार का काम है, न कि हमारा। इसलिए हर कोई अधिक से अधिक पानी का इस्तेमाल करते समय इसे बचाने की चिंता कतई नहीं करता, जबकि इजराइल जैसे देश पानी को बचा-बचाकर ही उसका बेहतर इस्तेमाल कर रहा है। ऊपर पहाड़ों में नदियां और झरने सूखते जा रहे हैं। बारिश भी पहले जितनी नहीं हो रही है।
सुभाषचंद्र ने कहा कि जल संरक्षण की अलख जगाने के मकसद से दो महीने पहले उसने अपनी यह साइकिल यात्रा आरंभ की थी। वह अब तक प्रदेश के 19 जिलों का सफर कर चुका है। आने वाले दिनों में वह रोहतक, झज्जर एवं भिवानी में जाकर अपनी यात्रा का समापन करेंगे। इस अवसर पर उन्होंने कार्यकारी अभियंता व उपमंडल अभियंता के साथ जलघर परिसर में पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर एसडीओ जगदीश चंद्र, जेई सतेंद्र, योगेंद्र परमार, बीआरसी अनीता, रूप परमार, कुणाल सिंहमार इत्यादि उपस्थित रहे। लायन सुभाषचंद्र ने जिला के गांव आदमपुर डाढ़ी व मंदोला में भी जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया।