किट के लिए जिले में 166 प्राइमरी स्कूलों का किया गया है चयन
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले में जो राजकीय स्कूल टीएलएम यानी टीचिंग लर्निंग मैटीरियल किट का सबसे बेहतर उपयोग करेगा उसे पुरस्कृत किया जाएगा। इसके लिए जिले में 166 प्राइमरी स्कूलों का चयन किया गया है।
इन स्कूलों में यह किट भेजी जानी हैं। इस किट में विद्यार्थियों को पढ़ाने में सहायक शिक्षण सामग्री है। पढ़ाते समय कक्षा कक्ष में इस शिक्षण सामग्री का उपयोग शिक्षक की ओर से किया जाना है। जिले में करीब 220 प्राइमरी स्कूल हैं।
शिक्षा विभाग कक्षा कक्ष में शिक्षण-अधिगम को और प्रभावी बनाने के लिए प्रयास कर रहा है ताकि विशेषकर पढ़ाई में पिछड़ रहे विद्यार्थियों को डेमो व रोचक शिक्षण सामग्री के जरिए शिक्षण करवाकर उनमें रोचकता बनाए रखी जा सके। कक्षा में मानसिक रूप से कमजोर विद्यार्थी भी होते हैं। प्रतिभाशाली बालक तो वैसे ही शिक्षण में आगे होते हैं। प्रतिभाशाली बालक शिक्षण में शिक्षक से एक कदम आगे चलते हैं।
इसी प्रकार, पिछड़े बालक प्रतिदिन के कक्षा शिक्षण में पिछड़े रहते हैं। ये प्रतिदिन का गृहकार्य करने में भी पिछड़े रहते हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए टीएलएम बेहद कारगर साबित होता है। कोई भी विद्यार्थी पाठ का डेमो आदि देखकर जल्द विषय को समझता है। शिक्षक की ओर से पढ़ाए जा रहे पाठ को सुनकर अर्थ ग्रहण करने में सभी विद्यार्थी सक्षम नहीं होते हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए टीएलएम किट बेहद फायदेमंद साबित होती है।
किट छोटी कक्षाओं के लिए ज्यादा फायदेमंद
जिलेभर के 166 राजकीय प्राइमरी स्कूलों में यह किट भेजी जानी है। इस किट के जरिए बेहतर शिक्षण करवाने में जो भी स्कूल अव्वल रहेगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। ये किट छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि प्राइमरी कक्षा का विद्यार्थी देखकर जल्द पाठ को समझता है। उसमें सुनकर अर्थ ग्रहण करने की क्षमता कम होती है।
वर्सन:
विभाग शिक्षण-अधिगम को तकनीक से जोड़कर और प्रभावी बना रहा है। टीएलएम किट विद्यार्थियों के लिए बेहद कारगर साबित होंगी। शिक्षक मेहनत करें और विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का काम करें।
- कंवर सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, दादरी।