चरखी दादरी। 11 सप्ताह के स्वच्छता अभियान में शहर की शिक्षण संस्थानों का भी अहम योगदान रहेगा। इसके लिए नगर परिषद टीमें करीब 20 शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर विद्यार्थियों व शिक्षकों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाएंगी। साथ ही विद्यार्थियों को कचरे से जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया भी विस्तार से बताई जाएगी। जागरूकता मुहिम का उद्देश्य इन सभी शिक्षण संस्थानों को कचरा मुक्त बनाना है।
नगर परिषद ने शिक्षण संस्थाओं में जागरूकता अभियान की शुरुआत कर दी है। अब तक टीमें 4 स्कूलों में जाकर करीब 500 विद्यार्थियों को जागरूक कर चुकी हैं। इतना ही नहीं, इन कार्यक्रम में उन महिलाओं को रोल मॉडल के रूप में बुलाया जा रहा है, जो घर पर कचरे से खाद तैयार करती हैं। इसका उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी क्रियात्मक रूप से यह विधि सीख सकें और शिक्षण संस्थान के अलावा घर के कचरे का भी खाद बनाकर निस्तारण कर सकें।
स्वच्छ भारत अभियान प्रभारी ज्योति शर्मा ने बताया कि अब तक नगर परिषद की टीम केएन स्कूल, संस्कार स्कूल, काठमंडी स्थित राजकीय कन्या स्कूल और हीरा चौक स्थित दादरी पब्लिक स्कूल का दौरा कर चुकी है। जल्द ही बाकी बचे 16 शिक्षण संस्थानों को कवर करने की योजना है। उन्होंने बताया कि अब टीम शहर के महाविद्यालयों समेत अन्य स्कूलों को भी जल्द कवर कर लेगी।
शिक्षकों से की जा रही यह अपील
जागरूकता मुहिम के तहत शिक्षकों से अपील की जा रही है कि वो भी स्वच्छता का ख्याल रखें। विद्यार्थियों को समय-समय पर इसके फायदें बताए जाएं, ताकि वो समाज में अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित कर सकें।
ये बातें समझाईं जा रहीं विद्यार्थियों को
- कचरे को कभी खुले में न फेंके।
-प्लास्टिक पॉलीथिन का प्रयोग न करें।
- गीला व सूखा कचरा पृथक कर निस्तारण करें।
-जितना हो सके आस-पास सफाई रखें।
शिक्षण संस्थाओं में लगातार हमारी टीमें पहुंच रही हैं। 11 सप्ताह के स्वच्छता अभियान के तहत शहर के करीब 20 शिक्षण संस्थानों को कवर किया जाएगा। विद्यार्थियों और शिक्षकों स्वच्छता अपनाने की शपथ भी दिलाई जा रही है।
ज्योति शर्मा, स्वच्छ भारत मिशन प्रभारी, दादरी नगर परिषद