नप कार्यालय के सामने हड़ताल पर बैठे कर्मचारी।
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चरखी दादरी। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। लगातार दो दिन से सफाई न होने के कारण शहर के बाजारों, कॉलोनियों और मुख्य मार्गों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं। ये हालात शहर की सुंदरता पर दाग लगा रहे हैं तथा लोगों की परेशानियों का भी सबब बन रहे हैं।
मिली जानकारी अनुसार शहर में कुल 192 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से 172 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के काम बंद करने से नगर परिषद की व्यवस्था बेअसर साबित हो रही है। प्रशासन की ओर से वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए जाने से समस्या और गंभीर हो गई है।
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। इससे पहले भी वे कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं और दो दिन की भूख हड़ताल भी कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। मजबूरी में उन्हें दोबारा हड़ताल करनी पड़ी।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये करना, समान काम के लिए समान वेतन लागू करना और पुरानी पेंशन योजना बहाल करना शामिल है। इसके अलावा अग्निशमन कर्मी भवीचंद और रणवीर को शहीद का दर्जा देने तथा शहर के क्षेत्रफल और आबादी के अनुसार नई भर्ती करने की मांग भी उठाई जा रही है। हड़ताल के चलते शहर में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है और बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाएगा। इकाई प्रधान सूरज ने बताया कि आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। तीन दिन के लिए हड़ताल को बढ़ा दिया गया है अब पांच तक हड़ताल जारी रहेगी।