10 करोड़ की परियोजना को पहले मिल चुकी है स्वीकृति, काम पूरा होने पर एक लाख की आबादी को मिलेगी सीवर समस्याओं से राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। समसपुर और रामनगर एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) को अपग्रेड करने की योजना अब विधानसभा चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सिरे चढ़ेगी। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग प्रारूप तैयार कर मुख्यालय भेज चुका है। अब आदर्श आचार संहिता लागू होने के चलते परियोजना को स्वीकृति नहीं मिल पाएगी और चुनाव खत्म होने का विभाग व शहरवासियों को इंतजार करना होगा। एसटीपी अपग्रेड होने से एक लाख की आबादी को राहत मिलेगी।
सीवर व्यवस्था सुधार की दिशा में विभाग दो साल से कार्य में जुटा है। करीब 126 करोड़ के सीवर प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इसके तहत शहर के अंदरूनी भागों में नई लाइनें बिछाई जानी हैं। हालांकि, कुछ भागों में विभाग ये काम करवा चुका है। इसके अलावा परियोजना के तहत पुरानी लाइनों की मशीन को भी दुरुस्त किया गया है।
बारिश के पानी की निकासी के लिए विभाग ने सीवर लाइनों के समानांतर अलग से नई लाइनें बिछाई हैं। इन सभी लाइनों को डुंगरवाला जोहड़ से जोड़ दिया गया है, ताकि पानी जोहड़ में जाता रहे। जोहड़ पर बने पंपिग स्टेशन से पानी का उठान कर एसटीपी तक पहुंचाया जाता है।
अब विभाग दिल्ली रोड व रामनगर-कपूरी में बने एसटीपी की क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है। दोनों एसटीपी को अपग्रेड किया जाएगा। पानी की क्षमता बढ़ाई जानी है। करीब 10 प्रोजेक्ट के करोड़ के इस प्रोजेक्ट की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है। अब इसका डिजाइन तैयार चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा गया है। ताकि, इसकी स्वीकृति मिल सके।
- समसपुर एसटीपी की क्षमता होनी है 7.5 एमएलडी
बता दें कि इस परियोजना के तहत मुख्य समसपुर एसटीपी की क्षमता बढ़ाकर 7.5 एमएलडी की जानी है। फिलहाल, इस एसटीपी की क्षमता 5 एमएलडी है। वहीं, रामनगर एसटीपी को भी अपग्रेड किया जाना है। हालांकि, इसकी क्षमता 5 एमएलडी ही रहेगी।
- परियोजना से ये होंगे फायदा
एसटीपी अपग्रेड होने से शहर की सीवर व्यवस्था बेहतर होगी। दोनों एसटीपी पर नियमित पानी का उठान होने से सीवर लाइनें बैक नहीं मारेंगी और शहर की एक लाख की आबादी को सीवर संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी। इतना ही नहीं, इस परियोजना पर काम पूरा होने से विभाग के पास पहुंचाने वालीं सीवर समस्याओं संबंधी शिकायतों में भी कमी आएगी।
वर्सन:
सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड करने के लिए डिजाइन तैयार कर लिया गया है। अब इसकी स्वीकृति के लिए फाइल मुख्यालय भेजी गई है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दिल्ली रोड प्लांट की क्षमता पांच से बढ़कर साढ़े सात एमएलडी हो जाएगी।
-बृजेश जावला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
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समसपुर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, जिसे अपग्रेड किया जाना है। संवाद