चरखी दादरी। मानसून सीजन का अधिकतम लाभ उठाते हुए जिले के सभी सरकारी विभाग अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में व्यापक स्तर पर पौधरोपण करें और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल व संरक्षण भी सुनिश्चित करें। उपायुक्त मनदीप कौर ने कहा कि जिले में हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए सभी विभाग सक्रिय भूमिका निभाएं। इसके लिए वन विभाग की नर्सरियों में पर्याप्त संख्या में गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध हैं। जिले की नर्सरियों में 5 लाख से अधिक पौधे तैयार हैं।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, पार्कों, खाली सरकारी भूमि तथा अन्य उपयुक्त स्थानों पर योजनाबद्ध तरीके से पौधारोपण किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों की सहभागिता से जिले का हरित क्षेत्र बढ़ेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ भारत सरकार की मिशन लाइफ (लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट) पहल को भी मजबूती मिलेगी।
नर्सरियों में उपलब्ध हैं पौधे
वन मंडल अधिकारी सतीश दूहन ने बताया कि वर्तमान पौधारोपण सीजन के लिए वन विभाग ने अपनी सात नर्सरियों में पांच लाख से अधिक स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार किए हैं। इनमें देशी, औषधीय, छायादार, सजावटी तथा सड़क किनारे लगाए जाने वाले विभिन्न प्रजातियों के पौधे शामिल हैं। सरकारी विभाग रामनगर, कमोद, बरसाना, झोझू, बाढड़ा, निमड़-बडेसरा तथा बिंद्रावन वन नर्सरियों से अपनी आवश्यकता के अनुसार पौधे प्राप्त कर सकते हैं।
विभाग मंगाएं पौधे
वन मंडल अधिकारी ने कहा कि विभाग पहले अपने क्षेत्र में उपलब्ध वास्तविक पौधारोपण स्थलों का आकलन करें और उसी के अनुरूप पौधों की मांग भेजें, ताकि प्रत्येक पौधे का सही स्थान पर रोपण और संरक्षण सुनिश्चित हो सके। वन विभाग के रेंज अधिकारी एवं कर्मचारी पौधों की प्रजाति चयन, रोपण तकनीक और रखरखाव संबंधी तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराएंगे।
औपचारिकता नहीं, पौधों को वृक्ष बनाने का लें संकल्प
उपायुक्त ने कहा कि पौधारोपण केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनकर स्थायी हरियाली का अभियान होना चाहिए। पौधे ऐसे स्थानों पर लगाए जाएं जहां उनकी सिंचाई, सुरक्षा और नियमित देखभाल की व्यवस्था हो। पौधारोपण के बाद जियो-टैग फोटो सहित निर्धारित विवरण ''''मेरी लाइफ'''' पोर्टल पर समय पर अपलोड किए जाएं।
वर्जन:
पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए। यदि कोई पौधा नष्ट हो जाए तो उसके स्थान पर तुरंत नया पौधा लगाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पौधारोपण अभियान की सफलता केवल लगाए गए पौधों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके जीवित रहने और वृक्ष बनने की दर से तय होती है।मनदीप कौर, उपायुक्त, दादरी।