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प्रदेश की पहली महिला सांसद चंद्रावती ने पीजीआई में तोड़ा दम

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State's first female MP Chandravati died in PGI - फोटो : CharkhiDadri
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पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल, प्रदेश की पहली महिला अधिवक्ता, विधायक दल की नेत्री, सांसद व कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री चंद्रावती ने शनिवार देर रात पीजीआईएमएस रोहतक में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वह आपात विभाग में उपचार के लिए आई थीं और कोरोना संक्रमित पाए जाने पर उन्हें ट्रॉमा सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया था। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें कोविड अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया था।
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92 साल की चंद्रावती चार नवंबर को उपचार के लिए आपातकालीन विभाग में आई थी। उन्हें वार्ड नौ की यूनिट तीन में रखा गया था। डॉक्टरों ने संदेह होने पर उनका आरटीपीसीआर कोविड-19 का सैंपल टेस्ट कराया। पांच नवंबर को वह जैसे ही कोरोना संक्रमित मिली, उन्हें कोविड अस्पताल बने ट्रॉमा सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक उन्हें दिल के वाल्व की बीमारी थी। इसके चलते नब्ज में भी समस्या थी। दिल की धड़कन व डिस्क संबंधी समस्या का भी उनका उपचार चल रहा था। 14 नवंबर को जब उनकी धड़कन कम देखी गई तो डॉक्टरों की टीम ने स्थिति नियंत्रण में करने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे और पूर्व उप राज्यपाल ने 10:45 पर रात्रि में दम तोड़ दिया।
पंचतत्व में विलीन हुईं बहन चंद्रावती
राजनीति में करीब बीस साल तक ईमानदार कार्यशैली और बेबाक बोल के कारण विशिष्ट पहचान बनाने वाली बहन चंद्रावती रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गईं। पीजीआई से दोपहर बाद करीब एक बजे उनका शव एंबुलेंस से उनके पैतृक गांव डालावास के लिए रवाना किया गया। करीब सवा तीन बजे उनके भतीजे अमन डालावास ने उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पहले पुलिस की टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जनसैलाब उमड़ा। वहीं, विभिन्न राजनेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये उन्हें श्रद्घांजलि अर्पित की।वह हमेशा बेटियों के हकों को लेकर आवाज उठाती रहीं और बाढड़ा के अलावा दादरी जिले को भी कई सौगातें दिर्लाइं। वह करीब आठ माह तक पुडुचेरी की उप राज्यपाल भी रही थीं।
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बंसीलाल जैसे बड़े चेहरे को दी थी मात
पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल सूबे की राजनीति में बहुत बड़ा चेहरा थे। चंद्रावती 1977 में लोकसभा चुनाव लड़कर हरियाणा की पहली महिला सांसद बनी थीं। उन्होंने बंसीलाल जैसे दिग्गज को पटकनी देकर अपने नाम का डंका बजवा दिया था।
ये है उनका राजनैतिक कॅरियर
हरियाणा विधानसभा की पहली महिला विधायक का गौरव भी उन्हें ही प्राप्त है। 1964 से 1966 और 1972 से 1974 तक वो दो बार मंत्री भी बनीं। 1982 से 1985 तक विपक्ष की नेता बनीं। फरवरी 1990 से दिसंबर 1990 तक पुडुचेरी की उप राज्यपाल और 1977 से 1979 तक जनता पार्टी की अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने काम किया।
इन्होंने दी अंतिम विदाई
उनकी अंतिम यात्रा में पूर्व मंत्री प्रोफेसर चतर सिंह, पूर्व विधायक रणबीर मंदोला, पूर्व विधायक जगजीत सांगवान, तहसीलदार शेखर, बीडीपीओ युद्घवीर, नगराधीश सुरेश, डीएसपी अनिल डुडी, विजय मंदोला, मास्टर टेकराम आर्य, कांग्रेस युकां अध्यक्ष अनिल धनखड़, आनंद सांगवान, सुधीर चांदवास, विजय पंचगांव, डालावास पूर्व सरपंच करतार सिंह, प्रेरक संघ प्रधान विनोद मांढ़ी आदि शामिल हुए।
उम्र के अंतिम पड़ाव में सीएम को लिखा दादरी में कॉलेज खोलने के लिए पत्र
चंद्रावती ने गांव डालावास में हाईस्कूल का और बाढड़ा में बिजली सब स्टेशन का निर्माण करवाया। इसके अलावा उन्होंने बाढड़ा को ब्लॉक का दर्जा दिलाया। लड़कियों की शिक्षा के लिए कन्या गुरुकुल में योगदान दिया। दादरी से डालावास होते हुए सड़क का निर्माण करवाया। अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में उन्होंने सीएम मनोहर लाल को दादरी जिला मुख्यालय पर पीजी कॉलेज खोलने के लिए पत्र लिखा था।
पूर्व उपराज्यपाल चंद्रावती ने पीजीआईएमएस में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। वह कोरोना संक्रमित थीं और ट्रॉमा सेंटर में उपचाराधीन थीं। उनके शव को पूरे राजकीय सम्मान के साथ और कोविड-19 की जारी गाइडलाइन के हिसाब से भेजा गया है।
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- डॉ. संदीप, डीएमएस, आपातकालीन विभाग, पीजीआईएमएस।

State's first female MP Chandravati died in PGI- फोटो : CharkhiDadri

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